दवा कारोबारी की बहू छतरपुर आश्रम गईं:कानपुर में भाई बोला- रात को सो नहीं पातीं, रोने लगती है; मर्डर के बाद अकाउंट सीज
कानपुर में विनीत मिनोचा हत्याकांड के बाद उनकी बहू शालू की हालत ठीक नहीं है। शालू के भाई का कहना है कि वह रात में सो नहीं पाती और अचानक उठकर बैठ जाती है। वह रोती रहती है। किसी काम में भी मन नहीं लग रहा। बुधवार को शालू अपनी बहन सोनिया के साथ छतरपुर स्थित गुरुजी के आश्रम चली गई। वह तीन-चार दिन वहीं रहकर मन शांत करने की कोशिश करेगी। इधर, विनीत मिनोचा के बैंक खाते सीज हो गए हैं। इससे कंपनी के 10 से 15 लाख रुपये के चेक बाउंस होने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, चेक का भुगतान नहीं होने से दवाओं का नया स्टॉक भी नहीं आ पा रहा है। अपने गुरू जी के आश्रम गई शालू दवा करोबारी की बहू शालू हत्या के आरोप में जेल गई शालू 21 दिन जेल में रही। जेल से छूटने के बाद शालू की हालत ठीक नहीं है। शालू के भाई धीरज ने बताया कि शालू रात में ठीक से सो नहीं पाती। वह अचानक उठकर बैठ जाती है। उसका मन किसी काम में नहीं लग रहा है। हम लोगों उनसे बातें करते हैं, समझाते हैं लेकिन उनका हमेशा किसी सोच में डूबी रहती हैं। बुधवार को शालू बहन सोनिया के साथ छतरपुर स्थित गुरुजी के आश्रम गई है। धीरज ने बताया कि शालू तीन-चार दिन आश्रम में रहेगी। वह वहां मन शांत करने की कोशिश करेगी। दवा कारोबारियों ने मदद का भरोसा दिया विनीत मिनोचा के परिवार का करीब 50 करोड़ रुपये का दवा कारोबार है। बिरहाना रोड स्थित फार्मा ट्रेडर्स को फिलहाल विनीत की पत्नी और बेटी संभाल रही हैं। विनीत मिनोचा के अकाउंट सीज हैं, ऐसे में उनकी ओर से जारी कंपनी के चेक का भुगतान नहीं हो पा रहा है। भुगतान न होन से दवाओं का नया स्टॉक नहीं आ पा रहा है। रोज के कामकाज की जिम्मेदारी कर्मचारी उठा रहे हैं। वहीं, दवा कारोबारियों का कहना है कि परिवार को कारोबार चलाने में किसी मदद की जरूरत होगी तो वे सहयोग करेंगे। कारोबार बंद करने को लेकर परिवार की ओर से अभी कोई फैसला नहीं लिया गया। जेल में 21 दिन रही, मीडिया को देखते ही रो पड़ी 7 सितंबर को ससुर की हत्या के आरोप में जेल गई शालू 21 दिन जेल में रही। 28 सितंबर की शाम को शालू जेल से रिहा हुई। मीडियाकर्मियों को देखते ही शालू फफक पड़ी। भाई धीरज अरोड़ा ने तुरंत उसे सीने से लगा लिया था। इसके बाद शालू और सोनिया को गाड़ी में बैठाकर ले गए थे। 24 सितंबर को जेल भेजा गया था सुब्रत 24 सितंबर को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने विनीत मिनोचा हत्याकांड का खुलासा करते हुए उनके बेटे सुब्रत मिनोचा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने बताया था कि उसके पिता के कई महिलाओं से संबंध थे। वह उन पर काफी पैसा खर्च करते थे। सुब्रत का कहना था कि जब वह पिता से पैसे मांगता था तो वे उसे पैसे देने से मना कर देते थे। उसे डर था कि उसके पिता किसी महिला से शादी कर उसे घर न ले आएं। इससे संपत्ति में एक और हिस्सेदार बन सकता था। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने पूछताछ में कहा था कि उसे पिता की हत्या का कोई मलाल नहीं है। हालांकि, उसे इस बात का दुख है कि उसके पिता को दर्दनाक तरीके से मारा गया। 5 सितंबर को कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या हुई थी इंदिरा नगर में रतन ऑर्बिट के फ्लैट C-104 निवासी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर को हत्या हुई थी। दवा कारोबारी को 17 चाकू मारे गए थे। 24 सिंतबर को पुलिस ने बेटे सुब्रत को पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सुब्रत ने मीडिया के सामने कहा था- पिता के कई महिलाओं से संबंध थे, इसी वजह से मां पुनीता उनके साथ नहीं रहती थीं। सुब्रत के मुताबिक, उसे डर था कि कोई महिला उसके घर आकर ये दावा न कर दे कि वह विनीत के बच्चे की मां बनने वाली है। इसलिए उसने खुद अपने पुराने नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के जरिए पिता विनीत मिनोचा की हत्या कराई थी। कारोबारी की हत्या की शुरुआती जांच में पुलिस ने शालू को हत्यारोपी मानते हुए जेल भेज दिया था। लेकिन, बाद में पुलिस की जांच में शालू निर्दोष साबित हुई थी। इसके बाद शुक्रवार (25 सितंबर) को पुलिस ने शालू के पक्ष में क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई कर शालू को जेल से तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था। सिलसिलेवार पढ़िए, सुब्रत ने पत्नी को पिता की हत्या में कैसे फंसाया? ————– ये खबर भी पढ़ें…. मुस्कान को दोषी करार देकर जज बोले- अपराध डराने वाला:फैसला सुनते ही सौरभ की मां-भाई रोने लगे, मुस्कान-साहिल मेरठ जेल में गुमसुम ऐसे अपराध से समाज में डर-असुरक्षा पैदा होती है। इसका असर लोगों की सोच पर पड़ता है। अगर समाज में अपराध लगातार बढ़ते रहें तो यह चिंता की बात है। न्याय व्यवस्था का काम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना। पढ़ें पूरी खबर….
