नीले ड्रम वाली मुस्कान-साहिल फैसला सुनते ही रोने लगे:जेल में बेचैन, खाना कम खाया; दोषी करार देकर जज बोले- अपराध डराने वाला

0
नीले ड्रम वाली मुस्कान-साहिल फैसला सुनते ही रोने लगे:जेल में बेचैन, खाना कम खाया; दोषी करार देकर जज बोले- अपराध डराने वाला

ऐसे अपराध से समाज में डर-असुरक्षा पैदा होती है। इसका असर लोगों की सोच पर पड़ता है। अगर समाज में अपराध लगातार बढ़ते रहें तो यह चिंता की बात है। न्याय व्यवस्था का काम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देना। उनका कानून पर विश्वास बनाए रखना है। कोर्ट की जिम्मेदारी सिर्फ अपराध और आरोपी को सजा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपी के अधिकारों और समाज के हितों का भी ध्यान रखना होता है। मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने यह टिप्पणी चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में फैसला सुनाते समय की। उन्होंने बुधवार को पति को मारकर नीले ड्रम में छिपाने वाली मुस्कान और उसके प्रेमी दोषी करार दिया। इसके बाद जज ने मुस्कान-साहिल से कहा कि हम तो फैसला कर चुके हैं कि तुम्हें क्या सजा देनी चाहिए, लेकिन फिर भी तुमसे पूछते हैं कि तुम्हें क्या सजा दें। जज के इस सवाल पर मुस्कान-साहिल चुप रहे। फिर रोने लगे। दोनों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने सजा पर फैसला 14 अक्टूबर तक टाल दिया। जेल सूत्रों के मुताबिक, दोषी साबित होने के बाद बैरक में मुस्कान-साहिल बेचैन रहे। रोते रहे। दोनों ने रात में खाना कम खाया। उनकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल में उनकी निगरानी बढ़ा दी गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट में क्या-क्या हुआ, जज ने अपने फैसले में क्या कहा, पढ़िए जज बोले- शव के टुकड़े करके छिपाना जघन्य अपराध 19 सितंबर को केस में आखिरी बहस हुई थी। कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की थी। बुधवार शाम 4:30 बजे जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा कोर्टरूम में पहुंचे। मुस्कान-साहिल को मेरठ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया। जज ने स्क्रीन पर दोनों को देखा। पहले साहिल शुक्ला, फिर मुस्कान रस्तोगी का नाम लिया। जज ने कहा- गवाहों के बयान और सबूतों से यह साबित हुआ है कि दोनों ने सौरभ राजपूत की हत्या की। सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में पैक किया। यह जघन्य अपराध है। कोर्ट दोनों को दोषी करार देता है। फैसला सुनते ही सौरभ की मां-भाई रोने लगे फैसला सुनने के बाद सौरभ के भाई राहुल और मां रेनू देवी भावुक हो गए और रोने लगे। फैसले के बाद सौरभ के वकील केके चौबे और विजय बहादुर ने हाथ जोड़कर कोर्ट का आभार जताया और कोर्ट से दोनों को फांसी की सजा देने की मांग की। फैसले के बाद मुस्कान-साहिल को किसी दूसरी जेल में शिफ्ट नहीं किया जाएगा। दोनों मेरठ जेल में ही रहेंगे। जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया- मुस्कान 3 दिनों से ज्यादा पूजा-पाठ कर रही है। साहिल भी चुप रहता है। दोनों के व्यवहार पर जेल स्टाफ लगातार नजर रख रहा है। जरूरत पड़ने पर काउंसलर की मदद ली जाएगी। 17 महीने में मुस्कान से मिलने जेल में कोई नहीं आया है। साहिल से पहले उसकी नानी मिलने आती थीं, अब उसका भाई मिलने आता है। कैसे किया था सौरभ राजपूत का मर्डर पढ़िए ————– ये खबर भी पढ़ें…. नीले ड्रम वाली मुस्कान और प्रेमी हत्या के दोषी:पति के शव के टुकड़े सीमेंट डालकर छिपाए थे, 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी मेरठ में पति को मारकर नीले ड्रम में छिपाने वाली मुस्कान और उसके प्रेमी को बुधवार को कोर्ट ने हत्या का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने माना कि दोनों ने मिलकर सौरभ को मारा था। शव के टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में पैक कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुख्य ख़बरें