मनरेगा में कथित घपले पर सवाल,नेवादा में मनरेगा पर सवाल, फर्जी फोटो से हाजिरी का खेल
👉 क्लोन से हाजिरी लगाकर हो रहा खेल,एपीओ की कार्यप्रणाली
👉 दिनांक 1 सितंबर से अब तक की हो कार्य करने वालों की जांच ,एक टाइम की हाजिरी लगाकर पूरे दिन का लिया जा रहा भुगतान
कौशाम्बी। नेवादा और कौशाम्बी ब्लॉक में मनरेगा योजनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लंबे समय से तैनात APO पंकज सोनकर के कार्यकाल में मनरेगा कार्यों की निगरानी को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। बताया जा रहा है कि APO सोनकर के पास नेवादा ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार भी है।
नेवादा ब्लॉक के इच्छना गांव में मनरेगा कार्यों में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों से चल रहे कार्यों में मौके पर मौजूद श्रमिकों और मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों में अंतर है। आरोप है कि पुरानी अथवा संदिग्ध तस्वीरों के जरिए दोनों समय की कार्य प्रगति दर्ज दिखाई जा रही है।
मौके पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या और मस्टर रोल में दर्ज श्रमिकों के बीच भी कथित अंतर की बात सामने आई है। वहीं, अभिलेखों में कार्य प्रगति दर्ज होने के बावजूद स्थल पर कुछ काम अधूरा मिलने का दावा किया जा रहा है।
सवाल यह है कि अगर मौके पर इतने श्रमिक काम कर रहे हैं तो उनकी वास्तविक उपस्थिति का रिकॉर्ड क्या है? क्या मनरेगा पोर्टल पर अपलोड तस्वीरें उसी दिन और उसी स्थान की हैं? और अगर तस्वीरें सही हैं तो जमीनी स्तर पर काम अधूरा क्यों दिखाई दे रहा है?
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से मस्टर रोल, जियो टैग फोटो, मजदूरों की उपस्थिति, कार्यस्थल का स्थलीय सत्यापन और भुगतान अभिलेखों का मिलान कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं या नहीं और यदि अनियमितता मिलती है तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415
