IAS दिव्या चुनाव लड़ें…मिर्जापुर के लोग चाहते हैं:बोले- विधायक नहीं, सांसद बनने लायक; सियासत में आने की चर्चा क्यों

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IAS दिव्या चुनाव लड़ें...मिर्जापुर के लोग चाहते हैं:बोले- विधायक नहीं, सांसद बनने लायक; सियासत में आने की चर्चा क्यों

IAS दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को इस्तीफा दिया। ब्यूरोक्रेसी में रहते हुए उनका झुकाव हमेशा लोगों की भलाई की तरफ रहा। इसलिए चर्चा शुरू हुई कि वह चुनाव लड़ सकती हैं। उनकी सियासी जमीन के लिए सबसे पहले मिर्जापुर का नाम लिया गया। मिर्जापुर के लोगों से बात करके इसकी 3 वजहें समझ आईं- 1. नौकरी छोड़ने से पहले (जुलाई में) वे मिर्जापुर पहुंचीं। कछवां समेत उन इलाकों में गईं, जहां उन्होंने विकास कार्य कराए थे।
2. जिलाधिकारी रहते हुए सैकड़ों गांवों का दौरा किया। पद पर नहीं रहने के बाद भी करीब 200 ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों से उनका सीधा संवाद बना है।
3. IAS पद से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में मिर्जापुर का विशेष रूप से उल्लेख किया। लिखा कि मिर्जापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। तो क्या वाकई दिव्या मित्तल चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं? अगर लड़ती हैं, तो मिर्जापुर के लोगों के बीच उनकी पकड़ कितनी मजबूत है? इस रिपोर्ट में पढ़िए… लेक्चरर बोले- सियासत में आएं, समर्थकों की कोई कमी नहीं… मिर्जापुर शहर में हमारी मुलाकात गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के रिटायर्ड लेक्चरर केबी लाल श्रीवास्तव से हुई। वह कहते हैं- ‘अगर दिव्या मित्तल यहां चुनाव लड़ने आती हैं, तो यह मिर्जापुर का सौभाग्य होगा। मेरा उन्हें पूरा समर्थन है। यहां के लोग उन्हें पसंद करते हैं, इसलिए उन्हें सपोर्ट करेंगे।’ हमने केबी लाल से पूछा कि ऐसा क्यों? वह कहते हैं- ‘दिव्या मित्तल एक सहज अफसर रही हैं, जो जनता के बीच रहती थीं।’ लोग बोले- उनका कद सांसद का चुनाव लड़ने लायक संतोष सिंह कहते हैं- ‘DM रहते हुए उनका कार्यकाल बेहद शानदार रहा। जिस लहुरियादह गांव में कभी पानी नहीं पहुंच सका, वहां उन्होंने पानी पहुंचा दिया। उनके जाने के बाद कुछ लोगों ने पानी की सुविधा भी रोक दी। यहां के नेताओं ने उन्हें खुलकर काम नहीं करने दिया। अगर वह राजनीति में आती हैं, तो उन्हें सांसद का चुनाव लड़ना चाहिए।’ वह कहते हैं- ‘मेरी जानकारी में दिव्या और मौजूदा सांसद के बीच विवाद रहे हैं। इनमें लहुरियादह गांव में पानी पहुंचाने का मामला भी शामिल है।’ दिव्या किसी नेता-मंत्री के दबाव में नहीं रहती थीं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रांत मंत्री मनोज श्रीवास्तव इस साल चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वह अक्सर दिव्या मित्तल से मिलते रहे हैं। मनोज कहते हैं- ‘जहां तक चुनाव लड़ने की बात है, अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जनता को यहां उनका काम पसंद आया था, इसलिए लोग उन्हें याद कर रहे हैं।’ सांसद से विवाद के सवाल पर मनोज एक उदाहरण देते हुए कहते हैं- ‘अगर सांसद कहें कि दूध का रंग काला होता है तो दिव्या मित्तल वह अधिकारी थीं, जो कहती थीं कि दूध का रंग काला नहीं, सफेद होता है। बस यही पूरे फसाद की जड़ है।’ आगे बढ़ने से पहले दैनिक भास्कर पोल में हिस्सा लेकर राय दें- ‘उन्हें देखकर लगता ही नहीं था कि डीएम हैं…’ मिर्जापुर शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर ड्रमंडगंज इलाके में हमारी मुलाकात छविनाथ तिवारी से हुई। वह कहते हैं- ‘इस वक्त जनता दिव्या मित्तल का ही नाम ले रही है। गांव में आती थीं, तो एकदम सामान्य तरीके से लोगों से मिलती थीं। देखकर लगता ही नहीं था कि ये डीएम हैं। उन्होंने गांव की हर सुविधा पर ध्यान दिया। छविनाथ कहते हैं- ‘अगर दिव्या मित्तल लोकसभा चुनाव लड़ने आती हैं तो उनका वर्चस्व और बढ़ेगा, क्योंकि वह यहां काफी लोकप्रिय हैं। उनकी अनुप्रिया पटेल से अनबन थी। पानी के मामले को लेकर भी दोनों के बीच खींचतान की बात सामने आती रहती थी।’ ‘दिव्या का यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा’ हमारी मुलाकात 2024 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके मनीष त्रिपाठी से हुई। मनीष अब बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वह कहते हैं- ‘दिव्या मित्तल का यहां कोई खास प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। डीएम रहते उन्होंने ठीक काम किया। लेकिन जो भी किया, वह शासन के निर्देशों के मुताबिक ही किया। शासन से हटकर उन्होंने कोई अलग काम नहीं किया है। सांसद से उनकी कोई तनातनी थी, ऐसा मुझे तो नहीं दिखा।’ ————————– यह खबर भी पढे़ें- ग्राउंड रिपोर्ट IAS दिव्या ने जिस गांव में पानी पहुंचाया-वहां हालात कैसे, टैंकर के पानी के लिए राशन कार्ड दिखाना पड़ता था सितंबर- 2022 में दिव्या मित्तल मिर्जापुर की डीएम बनी थीं। वह दौरे पर लहुरियादह गांव पहुंची, तो लोगों ने बताया कि पीने के साफ पानी के लिए उन्हें 5 किमी चलना पड़ता है। तब दिव्या ने कहा था- ‘जब तक इस गांव में पानी नहीं पहुंच जाता, तब तक मैं यहां का पानी नहीं पीऊंगी।’ पढ़िए ग्राउंट रिपोर्ट…

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