यूपी के मदरसों में BA-MA की पढ़ाई पर रोक लगेगी:पुरानी डिग्रियां भी रद्द होंगी, योगी कैबिनेट में 21 से अधिक प्रस्ताव मंजूर होंगे
यूपी सरकार मदरसों में कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री देने पर रोक लगाने जा रही है। यानी अब यहां सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई होगी। सरकार का कहना है कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लिया जा रहा है। इस संबंध में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन का प्रस्ताव मंगलवार को होने वाली योगी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताया- मदरसों से पूर्व में दी गई कामिल और फाजिल की डिग्री को भी रद्द किया जाएगा। अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी ने बताया- सुप्रीम कोर्ट ने 5 नवंबर, 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें मदरसा अधिनियम को असंवैधानिक घोषित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट अंजुम कादरी और अन्य बनाम भारत सरकार केस सुनवाई कर रहा था। उस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2004 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि मदरसा बोर्ड का कानून सही है, लेकिन मदरसे UGC के नियमों के बाहर की औपचारिक उच्च शिक्षा यानी कामिल और फाजिल की डिग्री नहीं दे सकते। बैठक मंगलवार सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर होगी। सोमवार शाम करीब 8 बजे मुख्य सचिव एसपी गोयल ने एजेंडा जारी किया। जिसमें 21 प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। बैठक में कुछ प्रस्ताव और शामिल किए जा सकते हैं। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 40 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। दोनों डिग्रियों का मतलब क्या है? कामिल: यह अरबी, फारसी और दीनियात विषयों में 3 साल का कोर्स होता है, जिसे बोर्ड द्वारा ग्रेजुएशन (BA) के बराबर माना जाता था।
फाजिल: यह कामिल के बाद 2 साल का उच्च स्तर का कोर्स होता है, जिसे पोस्ट ग्रेजुएशन (MA) के बराबर माना जाता था। लखनऊ-नोएडा में यू-हब बनेगा कैबिनेट बैठक में लखनऊ और नोएडा में यू-हब (U-HUB) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अनुसार, यूपी सरकार ने हाल ही में स्टार्टअप मिशन निदेशालय बनाने का फैसला किया है। इसके तहत नोएडा और लखनऊ में यू-हब नाम की सरकारी कंपनी बनाई जाएगी। आईआईटी कानपुर के नोएडा सेंटर और आईआईटी लखनऊ के कैंपस में यू-हब बनेगा। यू-हब का मुख्य उद्देश्य ऐसे स्टार्टअप्स को सुविधाएं, मार्गदर्शन और मदद देना है, जो अपने काम को आगे बढ़ाना चाहते हैं। सरकार ने इसके लिए इस साल 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है। साथ ही, आईआईटी कानपुर इक्यूबेशन के निदेशक को 3 साल के लिए यू-हब का निदेशक नियुक्त किया गया है। वहीं, शीरा नीति 2026 को मंजूर देने और खरीफ और रबी की फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना करने के प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। राज्य सरकार की ओर से प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। ये हैं प्रमुख एजेंडे फसल बीमा योजना लागू होगी: खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने का प्रस्ताव। 7 जगह मल्टीपर्पज हब बनेंगे: लोक निर्माण विभाग जमीन लेकर उसे आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को मुफ्त देगा, ताकि बहुउद्देशीय हब बनाए जा सकें। नई सेवा नियमावली: राज्य संपत्ति विभाग के कर्मचारियों के लिए नई नियमावली 2026 लागू करने का प्रस्ताव। HCL फाउंडेशन से समझौता बढ़ेगा: सामुदायिक परियोजना के लिए सरकार और HCL फाउंडेशन के बीच हुए समझौते की अवधि 5 साल और बढ़ाने का प्रस्ताव। प्रयागराज-चित्रकूट विकास प्राधिकरण: इस क्षेत्र के विकास के लिए नया प्राधिकरण बनाया जाएगा। घुमंतू विकास बोर्ड बनेगा: विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए नया बोर्ड बनाया जाएगा। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 में बदलाव: योजना के नियमों में संशोधन और नए प्रावधान जोड़े जाएंगे। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे: जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 74.467 किमी लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का प्रस्ताव। शीरा नियंत्रण कानून में संशोधन: उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण संशोधन विधेयक 2026 लाने का प्रस्ताव। मजदूर संहिता नियमावली 2026: श्रमिकों से जुड़े नए नियम लागू करने का प्रस्ताव। पुराना विधेयक वापस लेने का प्रस्ताव: भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार संशोधन विधेयक 2020 को केंद्र सरकार से वापस लेने का प्रस्ताव। मदरसा कानून में संशोधन: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम 2004 में संशोधन का प्रस्ताव। कामिल और फाजिल डिग्री: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन डिग्रियों को मान्यता नहीं दी जाएगी। खनिकर्म सेवा नियमों में बदलाव: भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सेवा नियमावली 2026 लागू होगी। लखनऊ और नोएडा में यू-हब: डीप-टेक और गंभीर स्टार्टअप्स के लिए नए टेक हब स्थापित किए जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी को राहत: iQOO Solutions की परियोजना शुरू करने की समय सीमा में छूट देने का प्रस्ताव। CAG की रिपोर्टें पेश होंगी: राज्य वित्त, मनरेगा, जल जीवन मिशन और अन्य विभागों से जुड़ी कई नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) रिपोर्टें पेश की जाएंगी। अनुपूरक बजट: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक अनुदान और विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा। ……………………….. ये खबर भी पढ़िए… जौहर यूनिवर्सिटी पर अभी नहीं चलेगा बुलडोजर:मुरादाबाद कमिश्नर की कोर्ट में ढाई घंटे चली सुनवाई; 38 भवनों को गिराने पर लगी रोक रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर कोर्ट में केस रहने तक बुलडोजर नहीं चलेगा। यह आदेश कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की कोर्ट ने सोमवार शाम 4:45 बजे दिया। कोर्ट में करीब ढाई घंटे तक सुनवाई चली। अगली सुनवाई के लिए अगली तारीख 10 अगस्त तय की गई है। पूरी खबर पढ़िए…
