खड़ी धान की फसल पर ट्रैक्टर चलवाने का आरोप, कानूनगो पर विवाद बढ़ाने के आरोप; पीड़ित ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
कौशाम्बी। चायल तहसील क्षेत्र के बिरनेर गांव में भूमि विवाद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि कानूनगो मुमताज अहमद पुलिस बल के साथ विवादित खेत पर पहुंचे और खड़ी धान की फसल के बीच पैमाइश कराते हुए ट्रैक्टर चलवाकर फसल जोतवा दी। पीड़ितों का कहना है कि यह कार्रवाई तब की गई जब भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें किसी प्रकार का पूर्व नोटिस भी नहीं दिया गया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, उन्होंने पूर्व में उपजिलाधिकारी चायल एवं जिलाधिकारी कौशाम्बी को शिकायती पत्र देकर विवादित भूमि पर पैमाइश और बंटवारे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि खेत में धान की खड़ी फसल के साथ वर्षों पुराने पेड़ भी मौजूद हैं। ऐसे में वर्तमान समय में पैमाइश कराने से फसल और अन्य संपत्ति को नुकसान होने की आशंका जताई गई थी।
पीड़ितों का आरोप है कि कानूनगो मुमताज अहमद की कार्रवाई नियमों के विपरीत है और इससे गांव में तनाव तथा विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उनका कहना है कि इससे पहले भी बिना पूर्व सूचना के पैमाइश कराई गई थी। साथ ही सीमांकन (सेहद्दा) से पैमाइश कराने के बजाय सीधे मौके से माप कराई गई, जिस पर उन्होंने आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार की पैमाइश अथवा बंटवारे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए, ताकि किसी पक्ष को अनावश्यक नुकसान न हो।
हालांकि, इस पूरे मामले में समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
