कौशाम्बी में बालू भंडारण और रात्रिकालीन खनन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट ….जितेन्द्र कुमार झा… (महुआ खबर )
कौशाम्बी। जनपद के सराय अकिल, पिपरी समेत कई थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बालू भंडारण और कथित रात्रिकालीन खनन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू कारोबारी कार्रवाई से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छोटे-छोटे हिस्सों में भारी मात्रा में बालू का भंडारण कर रहे हैं, जिससे प्रशासन की नजरों से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार तिल्हापुर, नेवादा, रक्सराई, उस्मानपुर, मुस्तफाबाद, चकपिन्हा, कटैया, सराय अकिल, करन चौराहा से कनैली रोड, बारा ब्लॉक मार्ग तथा उपरवल क्षेत्र में सड़क किनारे और खेतों के आसपास बड़ी मात्रा में बालू के ढेर देखे जा सकते हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर स्वीकृत सीमा से अधिक बालू डंप किया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड बालू लदे वाहनों के आवागमन से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और सड़क पर फैली बालू के कारण दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी है।
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कई घाटों पर रात के समय भी बालू खनन और परिवहन किया जा रहा है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे वीडियो भी ऐसे दावों को बल दे रहे हैं, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानकारों के अनुसार, एनजीटी की गाइडलाइंस के तहत बालू खनन केवल निर्धारित समय और नियमों के अनुसार किया जा सकता है। रात्रि में अवैध खनन या परिवहन पाए जाने पर वाहन जब्ती, भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
बताया जाता है कि जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने अधिकारियों को रात्रिकालीन खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि आरोप सही हैं तो अवैध भंडारण और रात्रिकालीन खनन पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होगी और जिले में नियमों का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।
