डीएलएड परीक्षा में बड़ा खेल? मथुरा में दलालों के सहारे एडमिशन, अब परीक्षा से पहले गायब हुए छात्रों के नाम,
👉 डीएलएड परीक्षा में बड़ा खेल! दलालों के सहारे एडमिशन, परीक्षा से पहले गायब हुए छात्रों के नाम….
👉 मथुरा के सेंट एग्नेस कॉलेज पर गंभीर आरोप फीस लेने के बाद छात्रों को नहीं मिले एडमिट कार्ड…
👉 4 दिन से भटक रहे छात्र कौशांबी-प्रयागराज समेत कई जिलों के अभ्यर्थियों में आक्रोश..
👉 कॉलेज में पढ़ाई नहीं, सिर्फ वसूली ? छात्रों ने लगाया फर्जीवाडा और दलाली का आरोप…
👉 डीएलएड परीक्षा शुरू, तमाम छात्रों का भविष्य अधर में कॉलेज प्रबंधन पर सवाल…
👉 शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल बिना जांच कैसे मिली कॉलेज को मान्यता और परीक्षा केंद्र ?
👉 प्रयागराज के एलनगंज में है मुख्यालय
प्रयागराज। मथुरा जिले में डी.एल.एड.-2023 चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले मथुरा के फराह स्थित सेंट एग्नेस कॉलेज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कॉलेज में मोटी रकम लेकर दलालों के माध्यम से कराए गए कई एडमिशन अब छात्रों के लिए मुसीबत बन गए हैं। परीक्षा सूची जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों के नाम गायब बताए जा रहे हैं, जबकि उनसे फीस और अन्य खर्च पूरे लिए गए थे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन छात्रों को पूरे वर्ष पढ़ाई और परीक्षा का भरोसा दिया गया, उन्हें अब प्रवेश पत्र तक नहीं मिल पा रहा। वायरल सूची में छात्र सौरभ कुमार झा का नाम 43वें नंबर पर बताया जा रहा है, लेकिन परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले तक उन्हें एडमिट कार्ड नहीं मिला।
कौशांबी, प्रयागराज समेत दूर-दराज जिलों से पहुंचे छात्र मथुरा में 4 दिनों से भटकने को मजबूर हैं। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन से संपर्क नहीं हो पा रहा और प्रिंसिपल तक फोन नहीं उठा रहे। इससे छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है।

सूत्रों का दावा है कि कॉलेज में वर्षों से दलालों के जरिए एडमिशन कराने का खेल चल रहा है। छात्रों का आरोप है कि मोटी रकम लेकर प्रवेश तो करा दिया जाता है, लेकिन परीक्षा के समय जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर दिए जाते हैं। अब जब 18 मई से परीक्षा शुरू हो चुकी है, तब सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर बिना जांच के ऐसे कॉलेजों को मान्यता और परीक्षा केंद्र की अनुमति कैसे मिल रही है? यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो कई छात्रों का साल बर्बाद हो सकता है। बताया तो यह भी जाता है कि की कालेज में कभी भी क्लास नहीं चलते है ,सिर्फ वसूली कर एडमिशन लिया जाता हैं कालेज में ताला लगा रहता है। सवाल उठता है कि आखिर कैसे लाइसेंस मिल जाता है
पीड़ित छात्रों ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज, जिला प्रशासन और शासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर कॉलेज प्रबंधन, संबंधित दलालों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415
