पूर्व प्रधान पति मनोज हत्याकांड में गहराया रहस्य, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जुड़े स्कूल का एंगल आने के बाद चर्चाएं तेज
👉 मनोज हत्याकांड में हाई प्रोफाइल एंगल ,मनोज मर्डर केस में रहस्य गहराया….
👉 अहम जानकारी बनी हत्या की वजह? ,सुप्रीम कोर्ट कनेक्शन से बढ़ीं चर्चाएं…
कौशांबी । जिले के संदीपनघाट थाना क्षेत्र स्थित आलमचंद्र उर्फ नरना गांव में हुए पूर्व प्रधान पति एवं स्कूल बाबू मनोज कुमार हत्याकांड ने अब हाई प्रोफाइल रूप ले लिया है। पुलिस जहां इस हत्या को राजनीतिक रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम बता रही है, वहीं इलाके में इस बात की चर्चाएं तेज हैं कि मनोज के पास कुछ ऐसी अहम जानकारियां थीं, जो उसकी हत्या की वजह बन गईं।
मनोज कुमार माहेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज आलमचंद्र में बाबू के पद पर तैनात था। बताया जाता है कि इस विद्यालय की स्थापना सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रमनाथ के पिता द्वारा की गई थी। पिछले वर्ष इस विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी0आर गवई न्यायमूर्ति विक्रमनाथ जी के साथ पहुंचे थे। ऐसे में अब इस चर्चित हत्याकांड को लेकर हाई प्रोफाइल कनेक्शन की चर्चा और तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार 4 मई 2026 की सुबह रोज की तरह टहलने निकले मनोज कुमार पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी सूरज पासी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने पट्टी नरवर ग्राम सभा के प्रधान रोशन लाल पासी को इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में कराई गई और शूटरों को हथियार व संसाधन उपलब्ध कराए गए थे।
हालांकि, गांव और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर मनोज कुमार के पास ऐसी कौन सी जानकारी थी, जिसके कारण उसकी फिल्मी अंदाज में हत्या कर दी गई। चर्चा यह भी है कि घटना के बाद आरोपियों द्वारा कथित तौर पर एक रील बनाई गई थी, जिसे बाद में हटवा दिया गया। हालांकि पुलिस ने इस पहलू पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
इलाके में लोग खुलकर कह रहे हैं कि मामला सिर्फ राजनीतिक रंजिश का नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा राज भी छिपा हो सकता है। हाई प्रोफाइल दबाव और संवेदनशील कनेक्शन की चर्चाओं के बीच अब हर किसी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि आखिर मनोज हत्याकांड का असली सच क्या है।
अमरनाथ झा पत्रकार -9415254415
