बंगाल चुनाव ड्यूटी में बड़ा विवाद: प्रयागराज के DCP अजय पाल शर्मा के कार्यकाल में घटना का आरोप, फलता थाने में शिकायत दर्ज

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👉 जबरन घुसपैठ, मारपीट और वोट के लिए दबाव के आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग..

👉 लगभग 500 मुडभेड़ का कर चुके है नेतृत्व अजय पाल शर्मा,सैकड़ों इनकाउंटर और हाफ इनकाउंटर को दे चुके अंजाम…

कोलकाता/दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रयागराज में डीसीपी पद पर तैनात यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा, जिन्हें हाल ही में चुनाव ऑब्जर्वर के रूप में पश्चिम बंगाल भेजा गया है, उनके कार्यकाल के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले के फलता थाना क्षेत्र में एक महिला ने गंभीर आरोपों के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
जबरन घर में घुसने, मारपीट और अभद्रता के आरोप…
शिकायतकर्ता मोनालिसा पात्रा दास के अनुसार, देर रात कुछ अज्ञात व्यक्ति उनके घर में जबरन घुस आए और खुद को सीआरपीएफ कर्मी बताया। आरोप है कि उनके पास कोई वैध दस्तावेज या वारंट नहीं था। घर में घुसने के बाद उन्होंने पीड़िता के पति को पकड़ने का प्रयास किया और विरोध करने पर महिला व उनकी बेटी के साथ मारपीट की। साथ ही, कथित रूप से अश्लील हरकत करते हुए शीलता भंग करने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया।


वोट के लिए दबाव और धमकी का आरोप…
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने एक विशेष राजनीतिक दल—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)—को वोट देने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर 8 मई के बाद दोबारा आकर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इस तरह के आरोपों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और स्वतंत्रता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
ऑब्जर्वर की भूमिका पर उठे सवाल, जांच की मांग…
शिकायत में कहा गया है कि घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में चुनावी निगरानी की जिम्मेदारी आईपीएस अजय पाल शर्मा के पास थी, जो वर्तमान में प्रयागराज में डीसीपी पद पर तैनात हैं। पीड़िता का कहना है कि पहले भी उन्हें दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन की चुप्पी, जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट…
समाचार लिखे जाने तक स्थानीय पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में आने की प्रतीक्षा में है और सच्चाई की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
Amarnath jha Kaushambi -9415254415

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