विशेष रिपोर्ट , RTI की दस्तक से बढ़ी हलचल: कौशांबी में भूमि उपयोग परिवर्तन पर बड़ा खुलासा संभव
कौशांबी। जनपद में कृषि भूमि के बड़े पैमाने पर उपयोग परिवर्तन को लेकर एक अहम मुद्दा सामने आया है। पत्रकार अमरनाथ झा द्वारा दायर किए गए सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन ने प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है। आवेदन जिला सूचना अधिकारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को संबोधित है, जिसमें तहसील चायल, सिराथू और मंझनपुर क्षेत्र में वर्ष 2017 से 2022 के बीच धारा 143 के तहत किए गए भूमि उपयोग परिवर्तन का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है।
RTI में विशेष रूप से उन मामलों को चिन्हित किया गया है, जहां कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में बदला गया और जिनकी स्थिति राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग या रेलवे लाइन के आसपास है। आवेदक ने संबंधित भूमि स्वामियों के नाम, पिता का नाम, ग्राम, भूमि विवरण सहित सभी अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और अन्य सक्षम अधिकारियों द्वारा की गई जांच, संस्तुति और स्वीकृति आदेशों का रिकॉर्ड भी तलब किया गया है।
प्रक्रिया पर सवाल, नियमों की पड़ताल….
इस आवेदन में केवल डेटा ही नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए गए हैं। धारा 143 के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन की स्वीकृति प्रक्रिया, अपनाए गए मानक, और लागू शासनादेश (G.O.) व नियमावली की जानकारी मांगी गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि आवेदक को इस पूरी प्रक्रिया में संभावित अनियमितता या मनमानी की आशंका है।
प्रशासन की जवाबदेही पर नजर….
यह RTI ऐसे समय में आई है जब प्रदेश में भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यदि मांगी गई जानकारी सामने आती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्या नियमों का पालन हुआ या कहीं प्रक्रिया का दुरुपयोग कर लाभ पहुंचाया गया।
अब सबकी नजर प्रशासन के जवाब पर टिकी है। यदि सूचना में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो यह मामला बड़े स्तर पर जांच और कार्रवाई की दिशा में बढ़ सकता है।
अमरनाथ झा पत्रकार कौशाम्बी – 9415254415
