कौशाम्बी में तालाब घोटाला: नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर उठे सवाल, लेखपाल पर संरक्षण का आरोप

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चायल, कौशाम्बी | विशेष रिपोर्ट ..

कौशाम्बी के चायल तहसील में सरकारी जमीन और तालाब पर अवैध कब्जों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें आरोप है कि लेखपाल को बचाने के लिए मनमानी ढंग से रिपोर्ट तैयार की गई।
📌 क्या है पूरा मामला?…

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस गवाह का हस्ताक्षर जांच में दिखाया गया, वही व्यक्ति—रमेश दिवाकर—खुद सरकारी तालाब की जमीन पर मकान बनाकर रह रहा है। लेखपाल उसके यहां कार्यालय बनाकर रहता है और उससे वसूली करवाता है । ऐसे में पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना लाज़मी है।
📌 लेखपाल पर गंभीर आरोप….
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित लेखपाल ने तालाब की जमीन पर दर्जनों लोगों को अवैध रूप से कब्जा दिलाया। आरोप है कि इसके बदले लगभग 20 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई। यही वजह है कि अधिकारियों द्वारा मामले को दबाने और लेखपाल को बचाने की कोशिश की जा रही है।
 एक पर कार्रवाई, बाकी को संरक्षण?….
चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन ने केवल एक व्यक्ति पर कार्रवाई की, जबकि बाकी दर्जनों लोगों के अवैध निर्माण पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे यह सवाल उठता है कि क्या कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए की जा रही है?
शिकायतों के बावजूद चुप्पी…..
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो निष्पक्ष जांच हुई और न ही अवैध कब्जों को हटाने की कोई गंभीर पहल। इससे प्रशासन की भूमिका पर संदेह और गहरा हो गया है।
⚠️ बड़ा सवाल:…क्या सरकारी तालाबों पर कब्जा कराने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फिर ऐसे ही रिपोर्ट बनाकर मामले को दबा दिया जाएगा?
🗣️ जनता की मांग:…
मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण पर रोक लग सके।
       कौशाम्बी वॉयस
“सच के साथ, जनता की आवाज”

अरमनाथ झा पत्रकार – 8318977396

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