कौशाम्बी में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर बड़े आरोप , प्रयागराज के नौढिंया – मझियारी, सेमरी पट्टे की बालू बिना रवन्ना कौशाम्बी से गुजरने की चर्चा , पुलिस की ‘इंट्री सिस्टम’ को लेकर प्रशासनिक भूमिका पर उठे सवाल

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Kaushambi voice

👉 कौशाम्बी में अवैध तरीके से हो रहा यमुना नदी में वोटों से खनन, ओवरलोड और बिना रवन्ना हो रहा परिवहन । नौढिंया – मझियारी , सेमरी का मामला ।

👉 पुलिस और टी0आई की ‘इंट्री सिस्टम’ पर उठे गंभीर सवाल ।प्रयागराज का है पट्टा और कौशांबी में हो रहा ओवरलोड परिवन ,आंख मूंद कर बैठे अधिकारी । रात में होता है नियम विरुद्ध खनन।

कौशाम्बी । जनपद कौशाम्बी में अवैध बालू खनन, ओवरलोड वाहनों के संचालन और कथित ‘इंट्री सिस्टम’ को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और सूत्रों के अनुसार यमुना नदी क्षेत्र में निर्धारित मानकों की अनदेखी और बीच धारा से वोटों से बालू अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर बालू निकासी की जा रही है। आरोप है कि इन घाटों पर नदी की बीच धारा से नावों और मशीनों और वोटों के माध्यम से खनन हो रहा है, जबकि नियमों के तहत सीमित क्षेत्र और तय गहराई तक ही खनन की अनुमति होती है। कई बार जीपीएस वीडियो भी वायरल हो चुका है ,तस्वीरों में सैकड़ों वोटों से खनन कर नदी किनारे लगी मंडी का वीडियो वायरल है । बताया जाता है कि इन वोट के द्वारा अवैध खनन बालू का लदान कुछ ट्रैक्टर से परिवहन का रवान्ना भी नर नारायण मिश्रा जो नौढिंया/मझियारी पट्टाधारकों का पार्टनर बताया जाता है, वहां से मिलता है जो जांच का विषय है । पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का अनियंत्रित खनन नदी की धारा, जलस्तर और आसपास के पारिस्थितिक तंत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। बालू वाहनों के लिए लगा तिल्हापुर व अन्य जगहों पर धर्मकांटा शो पीस बनकर रह गए हैं।

मामला तब और जटिल हो जाता है जब प्रयागराज जनपद के नौढिहा, मझियारी और सेमरी पट्टों से निकाली गई बालू का परिवहन कौशाम्बी मार्ग से हो रही है। आरोप है कि यहां अवैध तरीके से नाव से खनन हो रहा है और कई ट्रैक्टर, ट्रक और डंपर निर्धारित क्षमता से अधिक बालू लादकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं जिससे राजस्व की हानि हो रही है । कुछ वाहनों के बिना वैध ई-रवन्ना ट्रैक्टर, डंफर संचालित हो रहे है। ओवरलोडिंग के कारण सड़कों की स्थिति प्रभावित हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है। नियमों के अनुसार खनन और परिवहन पूरी तरह ऑनलाइन ई-रवन्ना प्रणाली तथा निर्धारित भार सीमा के अनुरूप होना चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर इन प्रावधानों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

इसी बीच थाना महेवाघाट और थाना करारी क्षेत्रों में कथित ‘इंट्री सिस्टम’ संचालित होने के आरोपों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कुछ थानों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालू लदे वाहनों की इंट्री दर्ज की जाती है। आरोप यह भी है कि तय दरों पर प्रति ट्रैक्टर 2 से 3 हजार और प्रति ट्रक-डंपर से 5 हजार प्रतिमाह वसूली की जाती है, जिसके बाद वाहनों को बिना रोक-टोक गुजरने दिया जाता है। वहीं बिना इंट्री वाले वाहनों पर कार्रवाई होने की बात कही जा रही है। यदि देखा जाय तो लगभग 5 से 6 लाख रुपए एक थानेदार की अवैध इंट्री सिस्टम में वसूली हो रही है जबकि टी0आई की इससे ज्यादा बताई जा रही है।

यदि जांच हुई तो इन आरोपों में सच्चाई पाई जाएगी, तो यह न केवल करोड़ों रुपये के संभावित राजस्व नुकसान का मामला होगा, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि नौढिया,मझियारी और सेमरी में अवैध वोटों का खनन पर रोक लग सके। इतना ही नहीं यहां से ओवरलोडिंग और बिना रवन्ना परिवहन पर भी कार्यवाही हो । जिले में पुलिस की इंट्री सिस्टम वसूली तंत्र की सच्चाई सबके सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई हो सके ।

अमरनाथ झा पत्रकार कौशाम्बी – 9415254415

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