लोको रनिंग स्टाफ के साथ अन्याय के विरोध में NCR मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0; algolist: 0; multi-frame: 1; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 7864320;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 43;
👉 ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के आह्वान पर उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, सूबेदारगंज पर आज सैकड़ों लोको रनिंग स्टाफ का धरना प्रदर्शन।
👉 माईलेज भत्ते में वृद्धि न होने, SPAD घटनाओं में अन्यायपूर्ण कार्रवाई, वेतन व पेंशन कटौती के खिलाफ जमकर विरोध।
👉 रेल प्रशासन के रनिंग स्टाफ विरोधी रवैये पर कर्मचारियों में भारी रोष।
👉 धरना प्रदर्शन के बाद रेलवे प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन।
नेताओं ने चेतावनी दी — मांगें न मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज।
👉 AILRSA के आह्वान पर प्रयागराज में सैकड़ों लोको पायलटों ने उठाई आवाज
प्रयागराज, 4 सितंबर 2025 । ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) की केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आज पूरे देश के सभी जोनल मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसी क्रम में उत्तर मध्य रेलवे जोनल मुख्यालय, सूबेदारगंज, प्रयागराज पर भी सैकड़ों लोको पायलटों और रनिंग स्टाफ ने प्रदर्शन किया।
धरना प्रदर्शन के दौरान लोको रनिंग स्टाफ ने रेलवे प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने, अनुचित नीतियां थोपने और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
धरने के प्रमुख मुद्दे
- महंगाई भत्ता में भेदभाव:
- 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता 50% हो जाने पर अन्य केंद्रीय कर्मचारियों को TA और भत्तों में 25% की बढ़ोतरी दी गई, लेकिन रनिंग स्टाफ को मिलने वाले माईलेज भत्ते में कोई वृद्धि नहीं की गई।
- रिक्त पदों पर नियुक्ति की अनदेखी:
- लोको पायलट शंटर-1 के रिक्त पदों को भरने के बजाय रेलवे प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त अशक्त कर्मचारियों से शंटिंग कराने के आदेश जारी किए गए, जिसे कर्मचारियों ने अनुचित ठहराया।
- SPAD घटनाओं में अन्यायपूर्ण कार्रवाई:
- SPAD (सिग्नल पासिंग एट डेंजर) घटनाओं में शामिल सहायक लोको पायलटों का नियम विरुद्ध साइको परीक्षण कराया जा रहा है, जबकि भर्ती व पदोन्नति के समय सभी ने यह परीक्षण पास किया था।
- दुर्घटनाओं का अन्यायपूर्ण दोषारोपण:
- रेल दुर्घटनाओं के अधिकांश कारण तकनीकी और प्रबंधकीय खामियाँ होती हैं, लेकिन निष्पक्ष जांच की कमी के चलते हमेशा लोको रनिंग स्टाफ को दोषी ठहराया जाता है।
- वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ में कटौती:
- SPAD घटना बाद साइको टेस्ट में अनुपयुक्त पाए गए लोको पायलटों के 30% वेतन और 55% सेवानिवृत्ति लाभ में कटौती का आदेश कर्मचारियों में गुस्से की वजह बना है।
- संरक्षा नियमों की अनदेखी:
- स्टेशन यार्ड में गाड़ियां सुरक्षित करने की जिम्मेदारी सहायक लोको पायलटों पर थोपना, रेल संरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है।
कर्मचारियों में गुस्सा और नाराज
गी
धरने में शामिल वक्ताओं ने कहा कि रेलवे प्रशासन के रनिंग स्टाफ विरोधी रवैये से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
लोको रनिंग स्टाफ की भारी कमी के बावजूद, हर साल रेलवे प्रशासन लदान लक्ष्यों में वृद्धि करता है। इसके बावजूद रेल संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले लोको पायलटों की अनदेखी की जा रही है।
वक्ताओं के बयान
सभा की अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष डी.के. जयसवाल ने की।
इस अवसर पर वी.पी. नामदेव, एस.डी. मीना, आर.पी. कुशवाहा, वी.के. यादव, अजीत सिंह, एस.के. पंडित, दुष्यंत कुमार, शिव कुमार, सुधीर कुमार, घनश्याम सिंह, मनीष देव कुमार सहित कई नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
वक्ताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि रनिंग स्टाफ की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
समापन
धरना प्रदर्शन के बाद लोको रनिंग स्टाफ ने रेलवे प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि माईलेज भत्ते में वृद्धि, SPAD मामलों में न्यायपूर्ण कार्रवाई, रिक्त पदों की नियुक्ति और संरक्षा नियमों के पालन को सुनिश्चित किया जाए।
अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396
