31 अगस्त- आत्मसम्मान और मुक्ति का है पर्व , पासी समाज सहित 206 जातियों को महाशय मसूरियादीन ने अंग्रेजों के काले कानून क्रिमिनल ट्राइबर एक्ट से कराया था मुक्त-अमरनाथ झा पत्रकार

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👉 31 अगस्त 1952 – आत्मसम्मान और आज़ादी का ऐतिहासिक दिवस , 206 मूल जातियों को मिली अंग्रेज़ों के काले कानून से मुक्ति ‘क्रिमिनल ट्राइब एक्ट’ का अंत…

👉 अन्याय पर न्याय की विजय महान स्वतंत्रता सेनानी मसूरिया दीन पासी जी को शत्-शत् नमन जिन्होंने दबे-कुचले समाज को दिलाया

👉 संविधानिक सम्मान देशभक्त समुदाय पूरे देश में आज के दिन को गर्व और गर्जना के साथ मनाता है ।

  31 अगस्त – आत्मसम्मान और मुक्ति का है पर्व  – अमरनाथ झा (पत्रकार )

खापरखेड़ा/ नागपुर । महाराष्ट्र के नागपुर जिले के वलनी माइंस कालोनी क्षेत्र में पासी समाज सहित 206 जातियों पर लगे क्रिमिनल ट्राइबर एक्ट के आज ही के दिन पर हुए अंत को लेकर एक बैठक की गई । इस ऐसे ऐतिहासिक दिवस पर नागपुर के सावनेर तहसील के वलनी माइंस कालोनी में रामसुरेमन केशकर के अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया । इस कार्यक्रम में पासी समाज के तमाम लोग एकत्रित हुए हैं । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशाम्बी यूपी से आए अमरनाथ झा पत्रकार ने कहा कि भारतीय इतिहास में वह सम्मान पासी समाज को अब तक नहीं मिला, जिसके लिए वह वास्तव में हक़दार है ।  31 अगस्त 1952, वह दिन है जब 206 स्वाभिमानी, विद्रोही और मूल जनजातियों को उनके संवैधानिक अधिकार, मानव गरिमा, और स्वतंत्र जीवन का हक मिला है ।

कभी अंग्रेज़ों ने इन जातियों को ‘जन्मजात अपराधी’ करार देकर ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 1871’ लागू किया था। ये वो जातियाँ थीं जिन्होंने सबसे पहले विदेशी शासन के खिलाफ विद्रोह किया, इसीलिए उन्हें अपराधी घोषित कर दबा दिया गया था ।

लेकिन इस इतिहास को मोड़ने का कार्य महाशय मसूरिया दीन पासी जी ने किया है  । वे स्वतंत्रता सेनानी, संविधान सभा के सदस्य और इलाहाबाद से चार बार के सांसद रहे है । इनके अथक प्रयासों से 31 अगस्त 1952 को यह अमानवीय क़ानून खत्म हुआ और इन सभी जातियों को सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार मिला है ।

यह केवल एक कानून का अंत नहीं था, यह आत्मसम्मान की वापसी, गुलामी की बेड़ियों से मुक्ति, और संवैधानिक बराबरी की शुरुआत थी।

आज हम सभी देशभक्तजन, महाशय मसूरिया दीन पासी जी को नमन करते हैं और इस दिन को 206 मूल जातियों की आज़ादी के पर्व के रूप में याद करते हैं। कार्यक्रम के इस अवसर पर उपस्थित लोगों में राजबहादुर कैथवास ,कौशल्या केसकर, अभिषेक कुमार केसकर , पूजा केसकर, राजेंद्र सरोज , माया देवी , दिलीप सूर्यवंशी, श्याम बाबू सूर्यवंशी, दीपक कैथल, सीता देवी, सुनीता पहाड़े, आदित्य पहाड़े, सोनी सूर्यवंशी, ज्ञान मति केसकर, शारदा प्रसाद केसकर, मोहन कैथवास, धर्मपाल कैथवास, ओमप्रकाश कनौजिया, बालमुकुंद साहनी आदि लोग शामिल रहे।

जय भीम , जय भारत! जय संविधान!

अमरनाथ झा पत्रकार – कौशाम्बी 8318977396

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