नगर निगम प्रयागराज का जनसंपर्क सूचना अधिकारी बृजेश कुमार लापरवाही, कब होगी कार्यवाही?अखबारों की मॉनिटरिंग नहीं, 8 बजे के बाद आने वाले अखबार फेंक दिए जाते हैं कूड़े में, प्रेस कटिंग, समाचार विश्लेषण और मीडिया समन्वय जैसे जरूरी कार्य हो रहे नजरअंदाज

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Kaushambi voice

👉 प्रयागराज नगर निगम का जनसंपर्क विभाग सवालों के घेरे में, सूचना अधिकारी बृजेश कुमार की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

👉 प्रयागराज नगर निगम में जनसंपर्क सूचना अधिकारी बृजेश कुमार पर गंभीर लापरवाही के आरोप ,2010 में नौकरी, 2012 से सूचना कार्यभार संभालने वाले बृजेश की कार्यशैली पर उठे सवाल

👉  नगर आयुक्त को नहीं मिल रही निगम से जुड़ी अहम सकारात्मक/नकारात्मक खबरें, बृजेश बोले– “मैं आयुक्त के साथ फील्ड ड्यूटी में रहता हूँ, इसलिए समय नहीं”

👉  कार्यालय में मौजूद रहना वाला कर्मचारी मनीष पाल भी अक्सर नदारद, जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली पर संकट, अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग तेज

प्रयागराज, 28 जुलाई 2025: नगर निगम प्रयागराज में तैनात जनसंपर्क सूचना अधिकारी बृजेश कुमार इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते चर्चाओं में हैं। उन पर लगातार लापरवाही, गैर-जिम्मेदाराना रवैये और सूचना तंत्र को नजरअंदाज करने के आरोप लगे हैं, जिससे न सिर्फ निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है बल्कि आम जनता तक पहुंचने वाली जानकारी का प्रवाह भी बाधित हो गया है।

बृजेश कुमार वर्ष 2010 में नगर निगम में नौकरी पर आए और वर्ष 2012 से जनसंपर्क एवं सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि वह इतने वर्षों से यह कार्य किस तरह देख रहे हैं, जबकि मूलभूत कार्य जैसे समाचार पत्रों की कटिंग, मीडिया मॉनिटरिंग और अधिकारियों को सूचित करना भी नियमित नहीं हो पा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, जनसंपर्क कार्यालय में आने वाले समाचार पत्रों को बिना पढ़े और बिना रिकॉर्ड किए कूड़े में फेंक दिया जाता है। बृजेश कुमार द्वारा यह स्वीकार किया गया कि जो अखबार सुबह 8 बजे तक आ जाते हैं, केवल उन्हीं की कटिंग की जाती है। 8 बजे के बाद आने वाले अखबारों को न तो देखा जाता है और न ही उनसे जुड़ी कोई जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुँचाई जाती है। यह गंभीर लापरवाही नगर निगम की छवि को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रही है।

जब उनसे इस कार्यशैली के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए कहा कि वे अक्सर नगर आयुक्त के साथ फील्ड ड्यूटी में रहते हैं, इस कारण समाचार मॉनिटरिंग नहीं कर पाते। वहीं, उनकी अनुपस्थिति में जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, कर्मचारी राजनीष पाल, वह भी अक्सर गैरहाज़िर पाए गए हैं। उनके कक्ष में जाकर देखा गया तो ताला बंद मिला।

जनसंपर्क सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी होती है कि वे मीडिया से समन्वय बनाए रखें, प्रेस विज्ञप्तियाँ जारी करें, और नगर निगम से जुड़ी खबरों की समीक्षा कर अधिकारियों को समय पर जानकारी दें। लेकिन जब वर्षों से इस पद पर तैनात अधिकारी ही अपने कार्यों में उदासीनता बरत रहे हों, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब ज़रूरत है कि नगर आयुक्त इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराएं और जनसंपर्क तंत्र को फिर से व्यवस्थित करें। क्योंकि यह मामला केवल एक अधिकारी की लापरवाही नहीं, बल्कि सूचना अधिकार और प्रशासन की पारदर्शिता से भी जुड़ा है, जिस पर जनता की सीधी निगरानी रहती है।

नागर निगम प्रयागराज में तैनात जनसंपर्क सूचना अधिकारी बृजेश कुमार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि बृजेश कुमार न तो नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहते हैं और न ही मीडिया के साथ समन्वय स्थापित कर पा रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति और उदासीनता के कारण नगर निगम से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएँ अधिकारियों और जनसामान्य तक समय पर नहीं पहुँच रही हैं।

अखबारों को फेंक दिया जाता है कूड़े में

सूत्रों के अनुसार, जनसंपर्क कार्यालय में आने वाले अखबारों के बंडलों को बिना पढ़े या रिकॉर्ड किए कूड़े में फेंक दिया जाता है। यही नहीं, बृजेश कुमार को यह भी जानकारी नहीं रहती कि कौन-कौन से समाचार पत्र नगर निगम में आ रहे हैं। मीडिया मॉनिटरिंग, प्रेस विज्ञप्तियों की समीक्षा और समाचारों की क्लिपिंग जैसी मूलभूत जिम्मेदारियाँ भी नियमित रूप से नहीं निभाई जा रही हैं।

जनसंपर्क सूचना अधिकारी की जिम्मेदारियाँ क्या होती हैं?

जनसंपर्क सूचना अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारियों में निम्नलिखित कार्य शामिल होते हैं:

1. मीडिया समन्वय: विभिन्न अखबारों, टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया के साथ नियमित संपर्क में रहना और नगर निगम से संबंधित सकारात्मक खबरें प्रचारित करना।

2. प्रेस विज्ञप्तियाँ जारी करना: नगर निगम की योजनाओं, बैठकों और अभियानों की जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराना।

3. समाचार मॉनिटरिंग: नगर निगम से जुड़ी सभी खबरों को संकलित करना और उच्च अधिकारियों को सूचित करना।

4. जनता को जागरूक करना: सरकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुँचाना।

5. दस्तावेज़ीकरण: सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखना और मीडिया फीडबैक संकलित करना।

 

अधिकारियों को नहीं मिल रही अहम जानकारी

जनसंपर्क सूचना अधिकारी की लापरवाही के कारण नगर आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निगम से जुड़ी सकारात्मक अथवा नकारात्मक खबरों की जानकारी समय पर नहीं मिल रही है। इससे नगर निगम की छवि पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

कब होगी कार्यवाही?

अब सवाल यह उठता है कि इतने लंबे समय से चल रही इस लापरवाही पर निगम प्रशासन या नगर आयुक्त कब संज्ञान लेंगे। क्या बृजेश कुमार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी? नगर निगम प्रशासन को इस मामले की जांच कराते हुए जनसंपर्क तंत्र को दुरुस्त करने की आवश्यकता है।

जनसंपर्क सूचना अधिकारी की भूमिका किसी भी सरकारी संस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रयागराज नगर निगम में इस पद पर तैनात अधिकारी की लापरवाही केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुधारनी चाहिए।

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