दारागंज में युवक पर हमले और लूट का आरोप, पुलिस पर पक्षपात के गंभीर सवाल,2 बजे रात चली गोली, युवक सहित चार पर रिपोर्ट हुई दर्ज

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Kaushambi voice

👉 साढ़े बारह बजे थाने में पीड़ित विमल मिश्रा ने दी थी तहरीर,यदि पुलिस सक्रिय हो जाती तो नहीं होती घटना ,आखिर पुलिस उस समय क्यों नहीं की कार्यवाही

👉 काश पुलिस रात में सक्रिय हो जाती तो नहीं होती घटना,इन सभी घटनाओं  के मामले के सीसीटीवी कैमरे फुटेज है गवाह 

👉 आखिर घटना घट जाने के बाद ही पुलिस क्यों होती है सक्रिय, पहले क्यों नहीं .. बड़ा सवाल..

प्रयागराज । दारागंज थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक युवक पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर नकदी और सोने की चेन लूटने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने और लिखित शिकायत सौंपने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जबकि विपक्षी पक्ष की कथित घटना की तहरीर पर त्वरित एफआईआर दर्ज कर ली गई। रात 12:30 पर विमल ने थाने में तहरीर देकर शिकायत किया लेकिन पुलिस उस समय घटना को टाल गई और रात 2 बजे गोली चलने की घटना घट गई। यदि पुलिस विमल मिश्रा की तहरीर लेकर सक्रिय हुई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नही घटती ।

दारागंज निवासी विमल मिश्रा पुत्र विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि 13 जुलाई की रात लगभग 12 बजे मोहल्ले के ही राम लखन मिश्रा, संदीप धोबी समेत चार लोगों ने उस पर और उसके भाई पर अचानक हमला कर दिया। पीड़ित के अनुसार हमलावरों ने गाली गलौज और कट्टे की बट से मारपीट की, जिसके बाद उसकी दो तोला सोने की चेन और करीब ₹5000 नकद लूटकर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

विमल मिश्रा का कहना है कि उसने घटना के तुरंत बाद 112 नंबर पर कॉल कर सूचना दी और रात्रि करीब 12:30 बजे स्वयं थाना दारागंज पहुँचकर ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी को लिखित तहरीर सौंपी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने केवल “कल देखेंगे” कहकर उसे वापस भेज दिया।

इसी रात करीब 2 बजे पीड़ित को पता चला कि विपक्षी पक्ष ने उल्टा विमल मिश्रा के ही खिलाफ गोली मारने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। विमल का दावा है कि राम लखन मिश्रा और उसके परिजनों के विरुद्ध पहले से दर्जनों गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि संदीप धोबी हाल ही में जेल से छूटकर आया है।

पीड़ित का यह भी कहना है कि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद था, जिसकी पुष्टि मोहल्ले के सीसीटीवी फुटेज से हो सकती है। साथ ही, रात्रि 12:30 बजे थाना दारागंज में उसकी मौजूदगी भी सीसीटीवी रिकॉर्ड से स्पष्ट की जा सकती है।

विमल मिश्रा ने मामले की निष्पक्ष जाँच, दोषियों के विरुद्ध सख़्त कानूनी कार्रवाई और झूठे मुकदमे से राहत दिलाने के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को प्रार्थना पत्र भेजा है।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना को लेकर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस आरोपियों से मिलीभगत कर उनकी शिकायत को दबा रही है, जबकि विपक्षी की तहरीर पर तुरन्त कार्रवाई की गई।

इस मामले में अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पीड़ित का कहना है कि यदि पुलिस ने उसकी दी हुई तहरीर पर समय रहते कार्रवाई की होती, तो घटना को रोका जा सकता था। बता दे की रामसागर मिश्रा और संदीप पर दर्जनों अपराधी मुकदमे हैं, जिसके कारण तमाम दुश्मन है । इनकी खुलेआम दुश्मनी चल रही है, कोई भी घटना को अंजाम दे सकता है यह लोग हमें फसाने की साजिश किए हैं । फ़िलहाल मामले की जाँच और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विमल और अन्य कई लोगों के घर पर रात 3:20 मिनट पर दबिश भी दिया है । वही इस गोली कांड की घटनाएं घायल लखन मिश्रा को चिकित्सा के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396

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