संदीपनघाट थाना प्रभारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल, फरियादियों से दुर्व्यवहार के आरोप
चोरी का खुलासा नहीं होने से नाराज पीड़िता को थाने में डांटने का आरोप, जमीन विवाद में भी कार्रवाई न होने की शिकायत..
संदीपनघाट थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठे सवाल, पीड़िता से दुर्व्यवहार का आरोप
एसपी कार्यालय में रूसमा देवी को डांटने का आरोप, पुलिस के रवैये पर सवाल
कौशाम्बी। संदीपनघाट थाना प्रभारी निरीक्षक नागेंद्र कुमार नागर की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फरियादियों की शिकायतों पर कार्रवाई न करने, महिलाओं से डांट-फटकार कर बात करने और पीड़ितों की सुनवाई नहीं होने के आरोप सामने आए हैं। बदलेपुर की कुंती देवी और मूरतगंज चौकी क्षेत्र के बड़ा गांव की रुषमा देवी से जुड़े मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
चोरी के मामले में खुलासे का इंतजार
बदलेपुर निवासी कुंती देवी के घर चोरी होने के मामले में परिजनों ने नामजद आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी क्राइम नम्बर 182/26 है जो 2-3 अगस्त को चोरी हुई है। आरोप है कि घटना का अब तक खुलासा नहीं हुआ है। करीब दो सप्ताह पहले कुंती देवी कई लोगों के साथ थाने पहुंचीं तो थाना प्रभारी ने कथित तौर पर उन्हें डांटकर भगा दिया और शिकायत को झूठा बताया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
जमीन विवाद में पिलर उखाड़ने और मारपीट का आरोप
मूरतगंज चौकी क्षेत्र के बहरा गांव निवासी रुषमा देवी ने गांव के राम सुरेमन और उनके दो बेटों पर खेत में लगाए गए करीब 5-6 पिलर उखाड़कर फेंकने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, घटना में उसके हाथ की चूड़ियां टूट गईं और खेत में पिलर पड़े हुए हैं। उसका आरोप है कि विपक्षी पक्ष बार-बार जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करता है और दीवार का निर्माण भी कर रहा है।
रुषमा देवी का कहना है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उसे ही डांट-फटकार का सामना करना पड़ा। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत की। आरोप है कि वहां मौजूद थाना प्रभारी ने भी उसकी बात सुनने के बजाय घटना को झूठा बताया।
बहन के साथ मारपीट की शिकायत पर भी सवाल
रुषमा देवी के अनुसार, 17 अक्टूबर को उसकी बहन खेत पर गई थी, जहां विपक्षी पक्ष के बेटों पर उसके साथ मारपीट, गाली गलौज करने का आरोप है। शाम को शिकायत लेकर मूरतगंज चौकी पहुंची महिला को कथित तौर पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि थाना प्रभारी ने शिकायत पर नाराजगी जताई और कार्रवाई नहीं करने की बात कही। बाद में चौकी के एक सिपाही ने उसकी तहरीर ले ली, लेकिन पीड़िता को कार्रवाई होने की उम्मीद नहीं दिखाई गई।
वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग
लगातार सामने आ रही इन शिकायतों के बाद थाना प्रभारी की कार्यशैली और फरियादियों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से उनका पुलिस पर भरोसा कमजोर हो रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
अब सवाल यह है कि क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराएंगे? चोरी के मामले में खुलासे, जमीन विवाद में कथित मारपीट और महिलाओं की शिकायतों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास बना रहे।
अमरनाथ झा पत्रकार -9415254415
