नाजरेथ हॉस्पिटल में चार दिन के इलाज का खर्च तीन लाख पार, RTI में अमरनाथ झा ने CMO से मांगा हिसाब
👉 दवाओं की कीमतों, बिलिंग और अस्पताल के निरीक्षण की जांच से जुड़े अभिलेखों के लिए पत्रकार अमरनाथ झा ने दाखिल किया RTI आवेदन..
👉 आईसीयू में 15 हजार से ज्यादा प्रतिदिन किया जाता था चार्ज, बाहर जो दवाएं सस्ती वही अंदर महंगी.
👉 मरीजों के साथ लूट के अड्डे बन चुके प्राइवेट हॉस्पिटलों पर कार्यवाही कब, बड़ा सवाल,नहीं है किसी भी बीमारी इलाज का रेट लिस्ट..
प्रयागराज। शहर के नाजरेथ हॉस्पिटल में सुशीला देवी के उपचार के दौरान चार दिनों में लगभग तीन लाख रुपये से अधिक खर्च होने के मामले को लेकर पत्रकार अमरनाथ झा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन देकर कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। आवेदन में अस्पताल के पंजीकरण, निरीक्षण रिपोर्ट, दवाओं की कीमतों, मरीजों को दिए जाने वाले बिल और अस्पताल के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। सूत्रों की माने तो हॉस्पिटलों में मरीजों से लूट हर जगह हो रही है।
आवेदन के मुताबिक, सुशीला देवी के उपचार के दौरान दवाओं और चिकित्सा सामग्री की कीमतों में कथित विसंगतियों तथा बिलिंग प्रक्रिया को लेकर जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया है। आवेदक ने अस्पताल के पंजीकरण प्रमाणपत्र, उसकी वैधता अवधि और एक जनवरी 2004 से आवेदन की तिथि तक किए गए निरीक्षणों की रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं।
पत्रकार ने CMO कार्यालय से यह भी पूछा है कि अस्पताल में उपचार खर्च, दवाओं की कीमतों, बिलिंग अथवा निर्धारित दर से अधिक धनराशि वसूले जाने के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और उन पर क्या कार्रवाई की गई। मरीजों के बिल में दवाओं, इंजेक्शन, जांच, बेड शुल्क और अन्य चिकित्सा सेवाओं का अलग-अलग विवरण दर्ज करने से जुड़े नियमों एवं शासनादेशों की प्रतियां भी मांगी गई हैं।
आवेदन में दवाओं की खरीद और बिक्री दरों, चिकित्सा सामग्री की कीमतों तथा अस्पताल की बिलिंग व्यवस्था की जांच से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा, मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने से रोकने या अस्पताल से ही दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करने के संबंध में लागू नियमों की जानकारी भी मांगी गई है।
अमरनाथ झा ने यह भी जानना चाहा है कि सुशीला देवी अथवा उनके परिजन नीरज की ओर से अस्पताल के खिलाफ कोई शिकायत की गई थी या नहीं। यदि शिकायत प्राप्त हुई है, तो उसकी डायरी संख्या, वर्तमान स्थिति और कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
अब CMO कार्यालय से मिलने वाली सूचना पर नजर
आवेदक ने निजी अस्पतालों के पंजीकरण की निगरानी और शिकायतों की जांच के लिए जिम्मेदार अधिकारी का नाम, पदनाम तथा आधिकारिक संपर्क विवरण भी मांगा है। आवेदन में सभी सूचनाएं प्रमाणित प्रतियों में उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
फिलहाल, आवेदन में उठाए गए बिंदुओं पर CMO कार्यालय की ओर से जवाब और संबंधित अभिलेख प्राप्त होना बाकी है। अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस आवेदन के विवरण में उपलब्ध नहीं है। सूचना मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में कोई शिकायत या जांच दर्ज है अथवा नहीं और संबंधित विभाग ने क्या कार्रवाई की है।
अमरनाथ झा पत्रकार -9415254415
