लखनऊ में सई नदी में 3 लोग लापता:2 की पत्नियां गर्भवती, 1 की 2 साल पहले हुई थी शादी; गणेश प्रतिमा विसर्जन करने गए थे
लखनऊ से गुजरने वाली सई नदी में मंगलवार शाम 3 लोग लापता हो गए। वे लोग नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन करने गए थे। पता चलते ही घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस के साथ SDRF भी मौके पर पहुंची। नदी में लापता हुए तीनों लोगों की तलाश की जा रही है। नदी के किनारे लापता हुए तीनों लोगों के घरवाले भी मौजूद हैं। इनमें से 2 की पत्नियां प्रेग्नेंट हैं। घरवालों का आरोप है कि SDRF की टीम एक ही जगह पर ढूंढ रही है। इससे उनके जिंदा मिलने की संभावना कम होती जा रही है। घटना मोहनलालगंज के जबरैला पुल के पास की है। यहां 5 किमी दूर से सिसेंडी गांव के लोग शाम 5 बजे गणेश प्रतिमा विसर्जन करने पहुंचे थे। तभी धीरज (35) नाम का युवक सई नदी में गहराई में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए 40 साल के हरिप्रसाद भी नदी में उतर गए। फिर वह भी पानी में डूबने लगे। इसी दौरान प्रमोद (22) भी नदी में चला गया। इसके बाद तीनों का कोई पता नहीं चला। हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें- 6 घंटे बाद भी नहीं मिले तीनों युवक घटना के करीब 6 घंटे बाद रात 11 बजे तक भी तीनों लोगों का पता नहीं चला है। लापता धीरज की पत्नी अनिता का आरोप है कि काफी समय बीतने के बावजूद नदी में जाल नहीं लगवाया गया। अभी एक नाव के जरिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। तलाश में तेजी नहीं दिखाई दे रही। 6 स्थानीय गोताखोर और SDRF तलाश में जुटी SDRF की टीम नदी में तीनों की तलाश कर रही है। 6 स्थानीय गोताखोर भी SDRF के साथ तलाश में जुटे हैं। SDRF की टीम ने हादसे की सूचना मिलने के करीब 40 मिनट में मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम में SI रितेश सचान समेत करीब 20 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। टीम बोट, कांटा, लाइफ जैकेट और अन्य फ्लड रेस्क्यू उपकरणों के साथ नदी में डूबे लोगों की तलाश में जुटी है। पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद है। एडीएम एफआर, एसडीएम आकाश सिंह एसीपी आरके सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। परिवारों में मचा कोहराम, 2 की पत्नियों की हालत खराब सई नदी में लापता हुए हरिप्रसाद और धीरज के परिवारों में हादसे की खबर के बाद से कोहराम मचा है। हरिप्रसाद की पत्नी श्यामावती गर्भवती हैं। उनके परिवार में 12 वर्षीय बेटा निहाल और 10 वर्षीय बेटी निहालिका हैं। वहीं, धीरज की शादी करीब दो साल पहले अनिता से हुई थी। अनिता भी करीब तीन महीने की गर्भवती हैं। परिवार में धीरज की मां दीपा भी हैं। प्रमोद हीरा खेड़ा का रहने वाला है, जो सिसेंडी गांव में ही आता है। तीनों मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। हादसे के बाद तीनों परिवारों में मातम का माहौल है और परिजन नदी किनारे अपनों के मिलने की आस लगाए बैठे हैं। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया मौके पर मौजूद परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर सर्च अभियान में देरी और लापरवाही करने का आरोप लगाया है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया। अधिकारी ने बताया कि आप लोग परेशान मत होइए। नदी की धारा की दिशा में ही SDRF की टीम ढूंढ़ रही है। वे लोग काफी अनुभवी हैं। कोई खाली नहीं बैठा है। जितने भी लोग हैं, सब काम पर लगे हैं। ————————- यह खबर भी पढ़िए- इटौंजा टोल प्लाजा पर STF का छापा : फर्जी फास्टैग से टोल चोरी मामले में सर्वर-CCTV DVR जब्त; कंपनी ने रिकॉर्ड नहीं दिए लखनऊ में फर्जी फास्टैग और गलत वाहन नंबर से टोल चोरी के मामले में STF ने मंगलवार को कार्रवाई की। टीम ने लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे के इटौंजा टोल प्लाजा पर छापा मारा। यहां से सर्वर, CCTV कैमरों का DVR और टोल से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए गए। सर्वर STF के कब्जे में आने के बाद टोल वसूली बंद हो गई है। टोल का संचालन लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे लिमिटेड के पास है। इस मामले में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। (पूरी खबर पढ़िए)
