प्रयागराज। जनपद के कोरांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात एक चिकित्सक पर लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत रहने, मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए कथित रूप से मजबूर करने तथा निजी हितों को बढ़ावा देने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि डॉ. धर्मेंद्र सिंह पिछले लगभग 18 वर्षों से कोरांव CHC में तैनात हैं। उनका कहना है कि शासन की स्थानांतरण नीति के अनुसार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती नहीं होनी चाहिए। इसी कारण पूरे मामले की जांच कर स्थानांतरण की मांग उठाई गई है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि अस्पताल के सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के लिए मरीजों पर दबाव बनाया जाता है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल में दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद कई मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जाती हैं। साथ ही कुछ मरीजों को निजी पैथोलॉजी में जांच कराने के लिए भी भेजे जाने की शिकायत की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गंभीर मरीजों को प्रयागराज के निजी अस्पतालों में रेफर कर वहां इलाज एवं ऑपरेशन कराने के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभाग की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी प्रयागराज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) एवं प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित चिकित्सक का स्थानांतरण किया जाए, मेडिकल स्टोर की भूमिका की जांच हो, मरीजों को सरकारी दवाएं एवं निःशुल्क जांच की सुविधा सुनिश्चित की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पक्ष जानने का प्रयास: समाचार प्रकाशित किए जाने तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज एवं सीएचसी कोरांव अधीक्षक से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि समाचार में सभी पक्षों को उचित स्थान मिल सके।
📍 (नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।)