राम या रावण…पहला कांवड़िया कौन:4 करोड़ कांवड़िए जल चढ़ाएंगे; यूपी में 8 हजार करोड़ का बिजनेस, कितनी बदली कांवड़ यात्रा
सड़कों पर करोड़ों कांवड़िए, तन पर भगवा कपड़े, कंधे पर कांवड़ और जुबान पर बोल बम…। आज से सावन की शुरुआत हो चुकी है। शिवभक्त जलाभिषेक के लिए गंगा जल लेने निकल पड़े हैं। यूपी के शिवालय पूरी तरह सज चुके हैं। देश में सबसे ज्यादा कांवड़िए उत्तर प्रदेश में चलते हैं, फिर उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली का नंबर आता है। सावन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाईवे कांवड़ियों से पूरी तरह भर जाते हैं। हालात ऐसे होते हैं कि जिन रास्तों से कांवड़ यात्रा गुजरती है, वहां की अर्थव्यवस्था भी रफ्तार पकड़ लेती है। अनुमान है कि इस बार सावन के एक महीने में करीब 8 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है। कांवड़ को लेकर पश्चिम से पूर्वांचल तक अलग-अलग मान्यताएं हैं। कोई भगवान राम को पहला कांवड़िया मानता है, कोई रावण तो कोई श्रवण कुमार को। नीचे ग्राफिक्स में कांवड़ और कांवड़ियों के नियमों को समझिए… ———————- ये पढ़ें – कांवड़ रूट पर मीट-शराब की दुकानें बंद रहेंगी: मेरठ में DGP बोले- हेलिकॉप्टर, ड्रोन से निगरानी होगी, अफवाह फैलाई तो सख्ती से निपटेंगे कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को लेकर सोमवार को मेरठ में 5 राज्यों के अफसरों ने मीटिंग की। यूपी, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के अफसरों ने दोपहर 12 से 3 बजे तक मंथन किया। कांवड़ रूट पर तैयारियों को लेकर सभी राज्य ने अपने प्रजेंटेशन पेश किए। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि कांवड़ रूट पर मीट और शराब की दुकानें बंद रखी जाएंगी। पढ़िए पूरी खबर…
