हॉस्पिटल में खाना देने आई 10 साल की लड़की गायब:गोरखपुर में बहन बोली- पुलिस की वर्दी में बाइक पर बैठा कर आरोपी ले गया
गोरखपुर जिला अस्पताल में एडमिट बहन को खाना देने आई 10 साल की लड़की को पुलिस की वर्दी में आया बाइक सवार फुसला कर ले गया। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार रात करीब 10 बजे जब वह घर लौट रही थी, तभी एक व्यक्ति आया और अपने साथ बाइक पर बैठा लिया। वहां से कहां ले गया, यह अब तक पता नहीं चल पाया। बहुत देर तक खोजबीन करने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पिता ने बुधवार दोपहर 3 बजे कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस जांच में जुटी है। आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना इलाके के रहने वाले पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पिछले चार साल से वे परिवार के साथ गोरखपुर में किराये पर रहते हैं। ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को उनकी 13 साल की बड़ी बेटी बीमार पड़ गई, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया। इसी बीच 28 जुलाई, मंगलवार रात 8.30 बजे के करीब दूसरी बेटी हॉस्पिटल में खाना लेकर आई थी। 10 बजे के करीब घर के लिए निकली पिता ने बताया- बहन को खाना खिलाने के बाद 10 साल की बेटी रात 10 बजे के करीब घर के लिए निकली। बहुत देर बीतने के बाद जब घर नहीं पहुंची तो हॉस्पिटल जाकर पता किए। वह वहां भी नहीं थी। हमने इधर-उधर पूछताछ की। हर जगह ढूंढा, लेकिन कहीं मिली। अभी तक वह घर नहीं लौटी है। आरोपी ने पूछा- कोई घर चलेगा हॉस्पिटल में एडमिट 13 साल की बहन ने बताया कि मेरी छोटी बहन खाना लेकर आई थी। हम लोग बाहर बैठ कर खा रहे थे। तभी एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में आया और पूछने लगा कहां रहती हो। हम लोगों ने अपना पता बताया तो फिर उसने पूछा कि किसी को घर चलना हो तो बताओ, चलो मैं छोड़ देता हूं। एडमिट बहन ने कहा कि मैं नहीं जाउंगी, मेरी बहन ही जाएगी। तब से वह वर्दी वाला व्यक्ति उसके पीछे पड़ गया। पानी लेने जा रही थी तो उसके पीछे जा रहा था। अंत में जब वह घर के लिए निकलने लगी तो उसके पीछे-पीछे कुछ दूर तक गया। CCTV में गाड़ी पर बैठाते दिखा आरोपी यह पूरी वारदात CCTV में कैद हो गई है। 39 सेकेंड के फुटेज में दिख रहा है कि लड़की हॉस्पिटल से बाहर की ओर पैदल जा रही है। उसके पीछे से आरोपी वर्दी में ही बाइक से जाता है और उसके पास जाकर रुक जाता है। कुछ देर बात करता है फिर लड़की उसके गाड़ी पर बैठ जाती है और दोनों चले जाते हैं। पांच बहनों में दूसरे नंबर पर है हॉस्पिटल में एडमिट 13 साल की बहन ने बताया- मेरी मम्मी प्रेग्नेंट हैं। इसलिए उनकी तबियत ठीक नहीं रहती। हम पांच बहनें हैं। सबका खयाल मैं और मेरी बहन ही रखते हैं। 27 जुलाई को करीब 7 बजे मेरी अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द होने लगा और बहुत तेज बुखार चढ़ गया। पापा तुरंत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने एडमिट कर लिया। हॉस्पिटल में मेरे साथ दादी रुकी थी। 28 जुलाई को दूसरे नंबर की बहन अपने हाथ से खाना बनाई। घर पर पापा के न होने और मम्मी के बीमार होने की वजह से तीसरे नंबर की बहन के साथ वह खुद खाना लेकर पहुंची। फिर तीसरी बहन को हॉस्पिटल में ही रुकने को बोल कर खुद खाना खिलाने के बाद जाने लगी। तभी यह घटना हुई। एक साल पहले भी पड़ोसी ने गलत काम किया उसने बताया कि उसका परिवार जहां रूम लेकर रहता है, वहीं पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने एक साल पहले उसी बहन के साथ गलत काम किया था। इसके बाद पुलिस से शिकायत हुई थी। तभी से उससे दुश्मनी चलती है। परिवार का आरोप है कि वह व्यक्ति भी किडनैप करवा सकता है। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पुलिस टीम तलाश में लगी है। एक संदिग्ध युवक से पूछताछ की जा रही है। —————- ये खबर भी पढ़िए- कारोबारी के पोते की हत्या करके एक करोड़ फिरौती मांगी: 36 लाख का कर्ज चुकाना था, गोरखपुर वैभव हत्याकांड के आरोपी का कबूलनामा ‘मुझ पर 36 लाख रुपए का कर्ज था। किस्त जमा न करने पर पिता ताने मारते थे। नालायक कहते थे। इससे परेशान होकर सराफा कारोबारी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई। AI की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में जानकारी जुटाई। गैंग कैसे काम करता है? फिरौती कैसे मांगता है, यह समझा। इंटरनेट से 199 रुपए में कंबोडिया का मोबाइल नंबर खरीदा और उसी पर वॉट्सऐप अकाउंट बनाया।’ यह कबूलनामा है गोरखपुर में सराफा कारोबारी के 10 साल के पोते वैभव की हत्या के आरोपी कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट का है। पढ़ें पूरी खबर…
