कारोबारी के पोते की हत्या करके एक करोड़ फिरौती मांगी:36 लाख का कर्ज चुकाना था, गोरखपुर वैभव हत्याकांड के आरोपी का कबूलनामा
मुझ पर 36 लाख रुपए का कर्ज था। हर महीने किस्त जमा न करने पर पिता ताने मारते थे। नालायक कहते थे। इससे परेशान होकर सराफा कारोबारी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई। AI की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में जानकारी जुटाई। गैंग कैसे काम करता है? फिरौती कैसे मांगता है, यह समझा। इंटरनेट से 199 रुपए में कंबोडिया का मोबाइल नंबर खरीदा और उसी पर वॉट्सऐप अकाउंट बनाया। सोमवार शाम वैभव को गिफ्ट का लालच देकर अपने साथ ले गया। वह चिल्लाने लगा तो गुस्सा आ गया। उसे जमीन पर गिराकर सीने पर घुटना रखा और गला दबा दिया। शव को बोरे में भरकर घर के बेसमेंट में छिपा दिया। इसके बाद वॉट्सऐप कॉल कर वैभव के पिता से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। किसी को मुझ पर शक न हो, इसलिए परिवार के साथ वैभव को खोजने का नाटक करता रहा। यह कबूलनामा है गोरखपुर में सराफा कारोबारी के 10 साल के पोते वैभव की हत्या के आरोपी कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट का। पुलिस ने उसके भाई, पिता, पत्नी, भाभी समेत 7 लोगों को हिरासत में लिया है। सर्वेश 2024 में बिहार के एक पेपर लीक मामले में 40 दिन तक प्रयागराज की नैनी जेल में बंद रह चुका है। उसकी एक साल पहले शादी हुई थी। इधर, कारोबारी के घर पर मातम परसा है। मां-दादा का रो-रोकर बुरा हाल है। आज वैभव का आज अयोध्या में अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2 तस्वीरें देखिए- हत्या करके घर के बेसमेंट में छिपाई लाश सर्वेश ने पुलिस को बताया, ‘उसने एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) से 25 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इसकी हर महीने 28,700 रुपए की किस्त भरनी थी। इसके अलावा एक दोस्त से 11 लाख रुपए उधार लिए थे। इस तरह उस पर कुल 36 लाख रुपए का कर्ज हो गया था। इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने वैभव के अपहरण की योजना बनाई।’ उसने बताया, ‘वैभव घर के सामने से जा रहा था। मैंने उसे रोककर कहा कि तुम्हारे लिए गिफ्ट है, मेरे साथ चलो। उसने मना कर दिया और कहा कि पापा से शिकायत करूंगा। हालांकि बाद में वह मान गया। मैं उसे घर के किनारे खेत में ले गया और गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरे में भर दिया। दोपहर में बोरा लेकर घर पहुंचा। उस समय पिता, पत्नी और भाभी अपने-अपने कमरों में थे। बेसमेंट में अनाज की बोरियों के बीच शव वाला बोरा रख दिया और उसके ऊपर रजाई और गद्दा डाल दिया।’ एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया- पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें एआई से किए गए कई सवाल और उनके जवाब मिले। इनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के फिरौती वसूलने के तरीके और गैंग की गतिविधियों से संबंधित जानकारी शामिल थी। पुलिस को उसके पास से कंबोडिया का सिम भी मिला है। आरोपी ने एक म्यूल (फर्जी) बैंक खाता भी तैयार किया था। वैभव कब लापता हुआ और आरोपी कैसे पकड़ा गया, जानिए खजनी कस्बे में लक्ष्मी नारायण वर्मा रहते हैं। उनकी गिनती इलाके के बड़े ज्वेलरी कारोबारियों में होती है। लक्ष्मी नारायण के बेटे हनुमान का सबसे छोटा बेटा वैभव नवेल्स एकेडमी में चौथी कक्षा में पढ़ता था। वैभव का घर जिस गली में है, उसी गली के आखिरी छोर पर 20 मीटर दूर आरोपी सर्वेश का भी घर है। सर्वेश के पिता हरिनारायण की कपड़े की दुकान है। बड़ा भाई सतीश वकील है। सर्वेश खुद एक कंप्यूटर कोचिंग चलाता है, जहां डिप्लोमा कोर्स और TET की तैयारी कराई जाती है। सोमवार दोपहर 1:30 बजे वैभव स्कूल से लौटा। घर पहुंचकर बैग रखा और यूनिफॉर्म बदलकर साइकिल लेकर घर से निकल गया। 30 मिनट बाद एक पड़ोसी ने घर आकर बताया कि वैभव की साइकिल घर के पीछे पड़ी हुई है। दादी घर से 50 मीटर दूर पहुंचीं, लेकिन वैभव नहीं दिखा। आसपास तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। दादी ने परिवार को सूचना दी। जहां साइकिल मिली थी, उससे 100 मीटर दूर खाली खेत में वैभव की एक चप्पल पड़ी हुई थी। परिवार को अपहरण का शक हुआ। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने तत्काल पांच टीमें गठित कीं। एक टीम ने CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। इस बीच पुलिस को एक CCTV फुटेज में वैभव पड़ोसी सर्वेश भट्ट के साथ खेत की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने सर्वेश को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। वैभव के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वैभव की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव एंबुलेंस से घर भिजवाया गया। घटना के बाद नाराज भीड़ थाने में घुस गई। वहां लॉकअप में बंद आरोपी को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस ने सख्ती बरतते हुए भीड़ को हटा दिया। आरोपी के निर्माणाधीन भवन पर नोटिस चस्पा जिला पंचायत ने आरोपी के पिता हरिनारायण के रुद्रपुर स्थित निर्माणाधीन भवन पर नोटिस चस्पा किया है। जिला पंचायत का कहना है कि भवन का नक्शा पास नहीं कराया गया है। नोटिस में तीन दिन के भीतर कार्यालय में आकर नक्शा पास कराने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। ————————————- ये खबर भी पढ़िए- ज्वेलरी कारोबारी के पोते की अपहरण के बाद हत्या:गोरखपुर में पड़ोसी टीचर के घर में मिली लाश; खेलते वक्त उठा ले गया था गोरखपुर के ज्वेलरी कारोबारी के 10 साल के पोते की मंगलवार को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। लाश घर से 20 मीटर दूर रहने वाले पड़ोसी के घर में बोरे में भरी मिली। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि वैभव वर्मा सोमवार शाम को लापता हो गया था। वह स्कूल से घर लौटा। फिर साइकिल लेकर घर के बाहर खेलने चला गया। करीब 30 मिनट बाद परिवार को सूचना मिली कि बच्चे की साइकिल लावारिस हालत में पड़ी है। पढ़ें पूरी खबर
