आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, डीएम पुलकित गर्ग ने दिए सख्त निर्देश
कौशाम्बी। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार से जूम माध्यम के जरिए आईजीआरएस एवं राजस्व संबंधी प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) चंद्रशेखर, सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीएम ने कहा कि आईजीआरएस शिकायतों में अंतिम समय पर आख्या अपलोड करने की प्रवृत्ति तत्काल समाप्त की जाए। प्रत्येक शिकायत का निस्तारण संबंधित स्थल पर पहुंचकर शिकायतकर्ता से बातचीत के बाद किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता के साथ फोटो, हस्ताक्षर एवं आवश्यक अभिलेख संलग्न करने के बाद ही आख्या पोर्टल पर अपलोड की जाए। बिना शिकायतकर्ता से संपर्क किए किसी भी शिकायत का निस्तारण मान्य नहीं होगा।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भू-आवंटन एवं पट्टा वितरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही मत्स्य पालन के लिए तालाबों के आवंटन तथा कुम्हारी कला से जुड़े पात्र लाभार्थियों को भी पट्टा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य करने के लिए कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार करते हुए कौशाम्बी को प्रदेश के शीर्ष-10 जिलों में शामिल कराने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने वसूली प्रमाण पत्रों के निस्तारण में भी अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए।
राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए डीएम ने तीन माह, छह माह तथा तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की नियमित सुनवाई कर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। धारा 116, 80 एवं 67 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी मामले की ग्रेडिंग ‘सी’ श्रेणी में न रहे तथा सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र खातेदारों की शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।
