पति को बाथरूम में दफनाया, घूंघट से मुंह छिपाती रही:आगरा में पत्नी जेल भेजी गई, डेढ़ फीट का गड्ढा खोदकर लाश गाड़ी थी
यूपी के आगरा में पति को बाथरूम में दफनाने वाली पत्नी को शनिवार शाम 5 बजे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जेल जाते वक्त रूबी घूंघट में मुंह छिपाती रही। उसने करीब एक फीट लंबा घूंघट कर रखा था। पुलिस पूछताछ में रूबी ने बताया कि पति सुरेंद्र शराब पीकर उसे मारता-पीटता था। वह 16 साल से परेशान थी। इसलिए उसने पति के खाने में नींद की गोलियां पीसकर मिला दीं। रात करीब 3 बजे उठी तो देखा कि उनकी सांसें नहीं चल रही थीं। उसने बताया- सुबह उसने सास और बच्चों को जेठ के साथ भेज दिया। बाथरूम में गड्ढा खोदा। शव घसीटकर ले गई और गाड़ दिया। 400 रुपए में मिट्टी मंगाई। मिट्टी से जगह बराबर की। अगले दिन मजदूर बुलाकर वहां सीमेंट का फर्श बनवा दिया। पहले जानिए पूरी घटना राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में रहते थे। उनकी शादी साल 2010 में रूबी से हुई थी। रूबी इटावा की रहने वाली है। उनकी दो बेटियां रिद्धी (13) और सिद्धी (9) हैं। सुरेंद्र के साथ उनकी मां कमला भी रहती थीं। उन्हें आंखों से कम दिखाई देता है। उनके पिता राधेश्याम शर्मा शिक्षक थे। उनकी कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। सुरेंद्र 18 मई से लापता थे। 26 मई को पत्नी रूबी ने थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रूबी लगातार घरवालों और पड़ोसियों से पति के लापता होने की बात कहती रही। पुलिस शुक्रवार (3 जुलाई) को सुरेंद्र के भाई की सूचना पर उसके घर पहुंची। वहां पुलिस को रूबी का व्यवहार संदिग्ध लगा। सुरेंद्र इसके बाद पुलिस ने घर की जांच कराई, तो बाथरूम की फर्श पर संदेह हुआ। इसके बाद बाथरूम की खुदाई कराई गई, जहां से सुरेंद्र का कंकाल मिला। अब पढ़िए आरोपी पत्नी का कबूलनामा पुलिस ने पति की हत्या के आरोप में रूबी को गिरफ्तार कर लिया। रूबी ने पुलिस को बताया- मेरी शादी साल-2010 में हुई थी। मैं इटावा की रहने वाली हूं। हमारी दो बेटियां रिद्धी और सिद्धी हैं। मेरी शादी ही झूठ की बुनियाद पर हुई थी। शादी के समय बताया गया था कि सुरेंद्र पढ़ा-लिखा है। अच्छी नौकरी करता है। लेकिन, शादी के बाद पता चला कि वो कुछ नहीं करता। मैंने अपना भाग्य मानते हुए उसको भी स्वीकार कर लिया। लेकिन, सुरेंद्र शराब पीने का आदी था। वो शराब पीकर मुझसे मारपीट करता था। बच्चे होने के बाद भी मैं उसकी हरकतों को सहती आ रही थी।
हत्या से पहले भरतपुर में हुआ था झगड़ा हत्या से 2 दिन पहले 16 मई को सुरेंद्र भरतपुर में अपनी रिश्तेदारी में गया था। वहां पर भी मेरा उससे झगड़ा हो गया था। मेरे रिश्तेदारों ने पुलिस केस करने की बात कही थी। इसके बाद सुरेंद्र ने रिश्तेदारों को समझाने के लिए 17 मई को मुझे फिर से भरतपुर भेजा। लेकिन, वहां पर मेरे साथ भी बुरा व्यवहार हुआ। पति और बच्चों के साथ मुझे भी जेल भेजने की धमकी दी गई। इससे मैं आहत थी। मेरे मन में पति के व्यवहार को लेकर बहुत गुस्सा था। खाने में मिलाई नींद गोलियां, डेढ़ फीट गड्ढा खोदा रूबी ने बताया- मेरा पति और सास नींद की गोलियां खाती थीं। मैंने पति के खाने में नींद की गोलियां पीसकर मिला दीं। खाना खाकर पति और बच्चे सब एक कमरे में सो गए। रात करीब 3 बजे मैं उठी। मैंने देखा कि पति की सांसें थम चुकी हैं। मैंने रात में बच्चों को उठाकर दूसरे कमरे में सुला दिया। पति की लाश को उसी कमरे में छोड़ दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। अक्सर पति सुबह देर से उठता था। ऐसे में मैंने बच्चे और सास को सुबह ही अपने जेठ को फोन कर उनके साथ भेज दिया। सुबह जब सब लोग घर से चले गए तो घर का दरवाजा बंद किया। इसके बाद बाथरूम में जाकर करीब डे़ढ फीट गड्ढा खोदा। फिर पति की लाश का हाथ पकड़कर घसीटते हुए उसे बाथरूम में ले गई। वहां लाश को गड्ढे में डाल दिया। 400 रुपए में मंगाई थी मिट्टी पति को दफनाने के लिए मैंने एक ठेकेदार से बाथरूम के भराव के लिए 400 रुपए में मिट्टी मंगाई थी। मिट्टी घर के गेट पर डलवाई। इसके बाद मैंने खुद पति की लाश पर मिट्टी डाली। उसको समतल किया। अगले दिन इलाके से दो मजूदरों को बुलाया। पति की लाश पर पक्का फर्श बनाने के लिए 1200 रुपए में ठेका दिया। 2 सीमेंट की बोरी मंगाकर प्लास्टर करा दिया। मजदूरों को भी नहीं पता था कि जहां वो फर्श बना रहे, उसके नीचे लाश है। बच्चों के पूछने पर झूठ बोलती थी पुलिस ने जब रूबी से पूछा कि क्या उसे पति की हत्या का पछतावा है? उसने कहा- मैं 16 साल में पति की प्रताड़ना झेलते हुए भर चुकी थी। उस दिन जब पति की हरकत की वजह से मेरे बच्चों को जेल जाने की धमकी मिली, तो मेरा धैर्य जवाब दे गया। पति की हत्या के बाद मेरी आंखों में आंसू थे। जब मेरी बेटियां पूछती थीं कि पापा कहां गए? तो मैं उनसे झूठ बोलती थी। जब मैं उस बाथरूम में जाती थी, तो उसको रह-रह कर उस रात की याद आती थी। लेकिन, मैं अपने बच्चों के भविष्य को बनाने के लिए सबसे झूठ बोलती रही। 45 दिन बाद जेठ का बताई हकीकत पति की हत्या के बाद रूबी ने सबको गुमराह करने का प्रयास किया। उसने अपनी सास और जेठ अनिल को बताया कि अनबन होने के बाद पति घर से चले गए हैं। इतना ही नहीं, पति की गुमशुदगी दर्ज कराने थाने तक गई। मोहल्ले के लोगों के सामने पति की याद में रोने का नाटक भी किया। लेकिन, सुरेंद्र के बडे़ भाई अनिल शर्मा को शक हो गया था। ससुर की 64 हजार रुपए पेंशन आती थी। एटीएम सुरेंद्र के पास था। हत्या के बाद भी खाते से ट्रांजेक्शन होने के बाद जेठ अनिल को शक हुआ। शुक्रवार (3 जुलाई) को अनिल ने रूबी से पूछा कि रोने से परेशानी दूर नहीं होगी। कोई बात है, तो मुझे बता दो। तू फंस रही है तो मुझे बता दे… मैं तुझे बचा लूंगा। तेरे ऊपर आंच नहीं आने दूंगा। इस पर रूबी पिघल गई और पति को दफनाने का सच बता दिया। मजदूरों ने 20 मिनट में फर्श तोड़ा शुक्रवार दोपहर 12 बजे जेठ ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम पहुंची और 5 मजदूर बुलवाए। मजदूरों ने 20 मिनट में फर्श तोड़ा। इसके बाद गड्ढा खोदा। देखा तो लाश गल चुकी थी, सिर्फ कंकाल बचा था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- अभी तक की पूछताछ में आरोपी ने अकेले ही घटना को करना बताया है। हालांकि पुलिस सीडीआर के आधार पर कई और लोगों से पूछताछ कर रही है। —————————– यह खबर भी पढ़ें…. पति की हत्या करके बाथरूम में दफनाया, फर्श बनवाई, उसी पर नहाती रही, 45 दिन बाद खुलासा; बोली- पीटता था, इसलिए मार डाला आगरा में महिला ने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया। ऊपर से फर्श बनवा दी और उसी बाथरूम में रोजाना नहाती रही। 45 दिनों तक पुलिस और घरवालों को गुमराह किया। जांच के दौरान महिला पुलिस के साथ CCTV फुटेज देखती रही और रोने का नाटक करती रही। पढ़ें पूरी खबर…
