युवक को स्वामी प्रसाद का मुखौटा पहनाया, लात-घूसों से पीटा:आगरा में सड़क पर घसीटा, पूर्व मंत्री पर अब तक 20 लाख का इनाम

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युवक को स्वामी प्रसाद का मुखौटा पहनाया, लात-घूसों से पीटा:आगरा में सड़क पर घसीटा, पूर्व मंत्री पर अब तक 20 लाख का इनाम

आगरा में शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की भगवान श्रीराम और वीर हनुमान पर कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा ने प्रदर्शन किया। शनिवार को कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य का मुखौटा पहनाए एक व्यक्ति के हाथ-पैर रस्सी से बांधे। इसके बाद उसकी प्रतीकात्मक पिटाई की गई। कार्यकर्ता उसे मानसिक चिकित्सालय तक ले गए। वहां सांकेतिक इलाज के नाम पर ओपीडी का पर्चा भी कटवाया। प्रदर्शन के दौरान हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने विवादित बयान दिया। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने और आंख फोड़ने वाले को 5 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा कर दी। इसके बाद मामला चर्चा में आ गया। 2 तस्वीर देखिए… रस्सियों से बांधकर मानसिक चिकित्सालय तक ले गए स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर और महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष निशा ठाकुर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने संगठन के मंडल अध्यक्ष नितेश भारद्वाज को स्वामी प्रसाद मौर्य का मुखौटा पहनाया। इसके बाद उनके हाथ-पैर रस्सियों से बांधे गए। उन्हें खींचते हुए मानसिक चिकित्सालय के गेट तक ले जाया गया। वहां कार्यकर्ताओं ने उन्हें सड़क पर लिटाकर जूते-चप्पलों से प्रतीकात्मक पिटाई की। कार्यकर्ता ‘भगवान का अपमान नहीं सहेंगे’ जैसे नारे लगाते रहे। इसके बाद मानसिक आरोग्यशाला की ओपीडी में स्वामी प्रसाद मौर्य के नाम से सांकेतिक पर्चा कटवाया गया। कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक इलाज कराने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई। अब जानिए क्या है पूरा विवाद दरअसल, अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा और आभूषण चोरी के मामले पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी थी। 23 जून को गाजीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था- “अगर भगवान राम में ताकत होती तो जिस समय चोरी हुई, उसी समय चोर भस्म हो जाता। लेकिन चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ। पृथ्वी पर पैदा होने वाला छोटा-सा बंदर सूर्य भगवान को निगल गया। यही अज्ञानता खत्म करने के लिए हम पढ़ाई करते हैं?” स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान बुद्ध के विचारों का जिक्र करते हुए कहा था कि किसी बात को सिर्फ इसलिए नहीं मानना चाहिए क्योंकि वह किसी ग्रंथ में लिखी है। पहले उसे अपने दिमाग की कसौटी पर परखना चाहिए। उनके इस बयान का वीडियो बुधवार को सामने आया था। स्वामी ने कहा- राम मंदिर से करोड़ों रुपए लुटेरे लूट ले गए। चांदी-सोना भी उड़ा ले गए। लेकिन, भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो आपका भला क्या करेंगे? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी क्या रक्षा करेगा? यह सवाल उठता है। 5 बार विधायक, 4 बार मंत्री रहे हैं स्वामी प्रसाद मौर्य स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं। 5 बार विधायक रहे चुके हैं। 4 बार यूपी में मंत्री रहे हैं। वह योगी सरकार 1.0 में मंत्री थे। 2022 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मंत्री पद से इस्तीफा देकर सपा में गए थे। सपा ने विधानसभा चुनाव में उन्हें कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से प्रत्याशी बनाया, लेकिन चुनाव हार गए। 2 साल पहले उन्होंने सपा छोड़ दी थी। इससे पहले बसपा में भी अहम पदों पर रह चुके हैं। राजनीति के शुरुआती दिनों में लोकदल और जनता दल में भी स्वामी प्रसाद मौर्य रहे हैं। 20 जुलाई, 2025 को स्वामी ने कांवड़ियों को गुंडे कहा था लखनऊ में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांवड़ियों को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। स्वामी प्रसाद ने कांवड़ियों को सत्ता संरक्षण में पलने वाले गुंडे और माफिया कह दिया था। कहा था कि ये कांवड़िए नहीं हैं। इनका आराध्य भोला-भाला है, तो भक्त हिंसक कैसे? कांवड़िए सत्ता संरक्षण में पलने वाले गुंडे माफिया हैं, जो अराजकता फैला रहे हैं। कांवड़िए के भेष में ये पूरे प्रदेश में कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कई जिलों में हो रहा स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान का विरोध भगवान राम को लेकर दिए गए स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयान के बाद विरोध तेज हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में हिंदू संगठनों और साधु-संतों ने प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर भी बयान को लेकर बहस छिड़ी हुई है। अयोध्या के संत विष्णु दास महाराज ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य सनातन धर्म और संस्कृति का विरोध कर रहे हैं। संत विष्णु दास ने ऐलान किया कि जो भी व्यक्ति स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटेगा, उसे वह अपनी ओर से 5 लाख रुपए का इनाम देंगे। हाथरस में वकील ने 10 लाख रुपए की घोषणा की हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के अधिवक्ता सौरभ उपाध्याय ने भी स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान का विरोध किया।उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिवक्ता ने घोषणा की कि जो व्यक्ति स्वामी प्रसाद मौर्य के मुंह पर पेशाब करेगा, उसे वह 10 लाख रुपए का नकद इनाम देंगे। 5 लाख रुपए का ऐलान करने वाली मीरा राठौर को जानिए… रामचरितमानस विवाद में भी रहीं सक्रिय: जनवरी 2023 में स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाला बताया था और उन अंशों को हटाने या प्रतिबंधित करने की मांग की थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हुए। आगरा में भी अखिल भारत हिंदू महासभा ने प्रदर्शन, पुतला दहन और विरोध मार्च निकाला था। इसी दौरान संगठन के एक पदाधिकारी ने स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को 51 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। ताजमहल में नमाज का किया था विरोध: मई 2026 में मीरा राठौर ने ताजमहल परिसर में ईद-उल-अजहा की नमाज की अनुमति का विरोध करते हुए हिंदू महासभा के प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उनका कहना था कि संरक्षित स्मारक परिसर का उपयोग धार्मिक आयोजनों के लिए नहीं होना चाहिए। अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ पहुंचीं अदालत: मार्च 2026 में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मीरा राठौर ने अन्य महिला अधिवक्ताओं के साथ न्यायालय में परिवाद दायर कराया। उन्होंने बयान को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। ——————————–
यह खबर भी पढ़िए… स्वामी प्रसाद का विवादित बयान, श्रीराम में ताकत नहीं:वह अपने लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, आपका भला क्या करेंगे यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने विवादित बयान दिया है। गाजीपुर में मंगलवार को उन्होंने कहा- अगर भगवान राम में ताकत होती, तो जिस समय लुटेरे ने चोरी की, तभी वो भस्म हो जाता। लेकिन, उस चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ। भगवान बुद्ध कहते हैं कि कोई भी बात किसी ग्रंथ में लिखी है, इसीलिए नहीं मानो। पहले उसे अपने दिमाग की कसौटी पर कसो। अगर खरा उतरे, तभी मानो।पूरी खबर पढ़ें

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