राम-मंदिर आने वाला हर श्रद्धालु क्या ₹5 दान कर रहा:ट्रस्ट के दस्तावेजों में चौंकाने वाले फैक्ट; 11 महीने में दान से ज्यादा ब्याज मिला

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राम-मंदिर आने वाला हर श्रद्धालु क्या ₹5 दान कर रहा:ट्रस्ट के दस्तावेजों में चौंकाने वाले फैक्ट; 11 महीने में दान से ज्यादा ब्याज मिला

अयोध्या के राम मंदिर में आने वाला हर श्रद्धालु सिर्फ 5 रुपए ही दान कर रहा है। यह फैक्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दस्तावेजों से सामने आया है। पिछले 11 महीने में मंदिर को जितना चढ़ावा मिला, उससे ज्यादा तो बैंक में जमा फंड पर ब्याज मिल गया है। यह भी सामने आया कि गड़बड़ी सिर्फ चढ़ावे तक सीमित नहीं है। ये उन बेहिसाब खर्चों तक भी बढ़ गई है, जिन्हें ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने किया। लेकिन, ट्रस्ट के सभी पदेन पदाधिकारियों को कभी पूरी जानकारी नहीं दी गई। दैनिक भास्कर ने ट्रस्ट सदस्यों और पदेन सदस्यों से अलग-अलग बात की। उन्होंने 3 तरह की बातें स्वीकार की- 7 महीने पहले राम मंदिर में धर्मध्वजारोहण कार्यक्रम के वक्त ट्रस्ट ने 10 करोड़ से ज्यादा खर्च किए। लेकिन, सदस्यों को कभी नहीं बताया कि ये रुपए किस-किस मद में खर्च किए गए। श्रीराम मंदिर परिसर की दान पेटियों में चढ़ावा चोरी प्रकरण की छानबीन के दौरान दैनिक भास्कर टीम को ट्रस्ट की पिछली बैठक से जुड़े फंड और खर्च के दस्तावेज मिले। बैठक 21 मार्च, 2026 को हुई थी। इसमें 1 अप्रैल, 2025 से 28 फरवरी, 2026 तक का पूरा हिसाब-किताब दिया गया है। तीर्थयात्री सुविधा केंद्र (PCF) से जुड़े सोर्स बताते हैं कि ट्रस्ट ने यही दस्तावेज बैठक में सदस्यों के साथ साझा किए थे। धर्मध्वजा कार्यक्रम में 5 से 6 हजार अतिथि शामिल हुए थे 22 जनवरी, 2024 को श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सबसे बड़ा आयोजन था। इसकी तुलना में 25 नवंबर, 2025 को आयोजित धर्मध्वजा कार्यक्रम को सीमित रखा गया था। इस धर्मध्वजा कार्यक्रम में सिर्फ यूपी के अलग-अलग समाज से आने वाले साधु-संतों को आमंत्रित किया गया था। बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए ठहरने की भी व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से कराई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शिखर पर धर्मध्वजा फहराई थी। इस कार्यक्रम में करीब 6 हजार अतिथि शामिल हुए थे। कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 10.12 करोड़ रुपए खर्च किए थे। मतलब, एक व्यक्ति पर औसत 16 हजार रुपए का खर्च किया गया। इन अतिथियों में करीब 1500 लोग बाहर से आए थे। अन्य अतिथियों में अयोध्या और आसपास के लोग थे। ट्रस्ट ने ये 10.12 करोड़ रुपए अलग-अलग किस तरह खर्च किए, इसका पूरा विवरण ट्रस्ट के सदस्यों को भी नहीं दिया गया। 11 महीने में दान में 83 करोड़ मिले एक दस्तावेज में श्रीराम मंदिर को होने वाली आय का भी विवरण दिया गया है। 11 महीने में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को दान में करीब 83 करोड़ रुपए मिले। ये रुपए कुछ इस तरह से मिले- इन 11 महीने में श्रीराम मंदिर में 16 करोड़ लोगों ने दर्शन किए। ट्रस्ट ने कागजों में सिर्फ 83 करोड़ रुपए चढ़ावे के दिखाए। इस हिसाब से औसतन एक श्रद्धालु ने सिर्फ 5 रुपए दान में दिए हैं। अब SIT इन्हीं बिंदुओं पर पूछताछ भी कर रही है। 138 करोड़ रुपए सिर्फ ब्याज मिला दूसरी ओर, इन 11 महीनों में ट्रस्ट को एसबीआई, पीएनबी और बीओबी के 4 खातों में जमा रकम के एवज में 138 करोड़ रुपए ब्याज मिला है। दान के 83 करोड़ को जोड़ें, तो ट्रस्ट को कुल 221 करोड़ रुपए की आय हुई।
मंदिर सुरक्षा पर 10 करोड़ खर्च, फिर भी चोरी होती रही ट्रस्ट ने मंदिर की सुरक्षा के लिए 11 महीने में 10 करोड़ रुपए खर्च किए। मंदिर की सुरक्षा के लिए CCTV लगे हैं। प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात किए गए। सवाल है कि जब ट्रस्ट सुरक्षा मद में इतना भारी-भरकम रकम खर्च कर रहा, तो वहां से चढ़ावे की रकम चोरी कैसे हो गई? इससे साफ है कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा। किसी भी आने-जाने वाले कर्मचारी की चेकिंग नहीं की जाती थी। इसी वजह से चंपत राय के भतीजे चंदन राय, खास सहयोगी राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा जैसे लोग चढ़ावे की रकम और कीमती आभूषण चोरी करने में सफल हुए। 2 जमीनें 26.69 करोड़ रुपए से खरीदीं मंदिर ट्रस्ट ने इस दौरान 2 जमीनें भी खरीदीं। एक जमीन का रकबा करीब 2.87 एकड़ है। इसके एवज में ट्रस्ट ने 21 करोड़ से अधिक खर्च किए। यहां पर यात्री सुविधा केंद्र और हॉस्पिटल बनाया जाना है। वहीं, 30 हजार वर्गफीट से अधिक का एक भूखंड 1600 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से 5.69 करोड़ रुपए में खरीदा गया। यह जमीन मंदिर के पास है। अब पढ़िए 11 महीने में ट्रस्ट ने और कहां कितना खर्च किया – ————————- ये खबरें भी पढ़ें – दावा- सोने-चांदी की 1250 श्रीराम शिलाएं गायब, सबसे महंगी शिला मॉरीशस से आई थी; मुंबई के व्यापारी ने हीरे जड़ी शिला दान दी थी अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी कोई नई नहीं है। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे का दावा है कि 1989 में गांव-गांव, शहर-शहर और देश-विदेश से पूजित होकर अयोध्या आईं सोने-चांदी, हीरे-माणिक्य और अष्टधातु की 1250 शिलाएं अब ‘गायब’ हो चुकी हैं। ये शिलाएं 2002 तक कारसेवकपुरम में रहीं। पढ़िए पूरी खबर… ऑटो ड्राइवर ने राम मंदिर मैनेजमेंट में कैसे ली एंट्री, टिन्नू यादव पर चढ़ावे की चोरी के आरोप; 28 साल पहले चंपत राय से जुड़ा था अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद देशभर में टिन्नू यादव सुर्खियों में है। कहने को टिन्नू ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खास सहयोगी है, लेकिन श्रीराम मंदिर ट्रस्ट में वह बहुत पावरफुल बताया जाता है। चाहे सिक्योरिटी का मैनेजमेंट हो या चढ़ावे को बैंक में डिपॉजिट कराना हो, टिन्नू ही सब कुछ मैनेज करता आया है। पढ़िए पूरी खबर…

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