आयकर विभाग ने RTI आवेदन किया खारिज, अब प्रथम अपील में उठेंगे कई सवाल
कौशाम्बी/प्रयागराज। आयकर विभाग द्वारा एक आरटीआई आवेदन को अस्वीकृत किए जाने के बाद मामला अब प्रथम अपीलीय प्राधिकारी तक पहुंचने जा रहा है। अपीलकर्ता ने विभागीय आदेश पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए इसे सूचना के अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत बताया है।
जानकारी के अनुसार, जिला चिकित्सालय कौशाम्बी के आसपास संचालित निजी अस्पतालों, मेडिकल स्टोरों, डायग्नोस्टिक सेंटरों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से संबंधित आयकर अनुपालन, किराया आय तथा कर रिकॉर्ड की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी गई थी।
आयकर विभाग वार्ड-2(5), कौशाम्बी के लोक सूचना अधिकारी ने 19 मई 2026 को सूचना देने से इंकार कर दिया। विभाग ने अपने आदेश में आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(d), 8(1)(e), 8(1)(j) एवं 8(1)(h) का हवाला देते हुए इसे गोपनीय एवं थर्ड पार्टी सूचना बताया।
अब आवेदक अमरनाथ झा प्रथम अपील दाखिल करने की तैयारी में हैं। उनका आरोप है कि विभाग ने आवेदन के प्रत्येक बिंदु पर अलग-अलग जवाब नहीं दिया और आदेश में स्पष्ट कारणों का अभाव है। उनका यह भी कहना है कि केवल “सूचना संकलित रूप में उपलब्ध नहीं है” जैसे आधार पर सूचना रोकी नहीं जा सकती।
अपील में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग ने अपने उत्तर में Tax Evasion Petition (TEP) का विकल्प सुझाया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला कर अनुपालन और संभावित अनियमितताओं से जुड़ा हो सकता है।
अपीलकर्ता ने मांग की है कि विभागीय आदेश की पुनः समीक्षा की जाए और जिन बिंदुओं पर कोई कानूनी प्रतिबंध लागू नहीं है, उनकी सूचना उपलब्ध कराई जाए।
RTI व्यवस्था पर भी उठे सवाल
- कौशाम्बी में आरटीआई व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न।
- 92 आरटीआई आवेदनों में अधिकांश पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का दावा।
- करीब 70 मामले अब भी लंबित बताए जा रहे हैं।
- लंबित मामलों में प्रथम अपील की तैयारी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस तेज।
📢 मामला अब प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष पहुंचने की तैयारी में है, जहां विभागीय आदेश की वैधता और सूचना उपलब्ध कराने के प्रश्न पर सुनवाई की उम्मीद है।
