मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना (2025-26) में 12 करोड़ से अधिक का बजट, 15 परियोजनाएं अब भी प्रक्रिया में..
कौशाम्बी । जिले की नगर पालिका परिषद मंझनपुर द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना (2025-26)” नगर क्षेत्र की सबसे बड़ी विकास योजनाओं में शामिल है। जारी रिपोर्ट के अनुसार योजना के तहत कुल 15 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के लिए 1211.74 लाख रुपये यानी लगभग 12.11 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जबकि अब तक 605.87 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि योजना से संबंधित ई-निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है तथा निविदा 08 मई 2026 को खोली जानी प्रस्तावित है। इससे साफ है कि करोड़ों रुपये के बजट वाली यह योजना अभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया के चरण में है। नगर क्षेत्र में सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और अन्य शहरी विकास कार्य इस योजना के अंतर्गत प्रस्तावित बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र में जगह-जगह टूटी सड़कें, जलभराव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। ऐसे में करोड़ों रुपये स्वीकृत होने के बावजूद विकास कार्यों का धरातल पर न दिखना सवाल खड़े कर रहा है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर हैं कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ शुरू होते हैं।
(क) सीवरेज एवं जल निकासी व्यवस्था योजना में 193 लाख खर्च, 88 प्रतिशत प्रगति का दावा
नगर क्षेत्र में सीवर और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने के लिए संचालित “सीवरेज एवं जल निकासी व्यवस्था” योजना का भी विस्तृत विवरण सामने आया है। योजना के अंतर्गत कुल 19 कार्य स्वीकृत किए गए थे। इसके लिए 193.60 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई और पूरी राशि प्राप्त भी हो चुकी है।
रिपोर्ट के अनुसार योजना में एक कार्य पूर्ण कर लिया गया है जबकि एक अन्य कार्य की भौतिक प्रगति जारी है। विभागीय अभिलेखों में योजना की कुल भौतिक प्रगति 88.24 प्रतिशत दर्ज की गई है। नगर पालिका का दावा है कि योजना के तहत जलभराव और गंदे पानी की समस्या को दूर करने के लिए नाली और निकासी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
हालांकि नगर क्षेत्र के कई मोहल्लों में अब भी नालियों की सफाई और जल निकासी की समस्या बनी हुई है। बरसात के दौरान कई वार्डों में पानी भरने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रिपोर्ट में दिखाई गई प्रगति का असर जमीनी स्तर पर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है।
(ख) वातानुकूलन एवं अन्य कार्य योजना में 23 परियोजनाएं, 82 प्रतिशत प्रगति दर्ज..
नगर पालिका परिषद द्वारा “वातानुकूलन एवं अन्य कार्य” योजना के अंतर्गत भी बड़े पैमाने पर बजट स्वीकृत किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस योजना में कुल 23 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। योजना के लिए 293.56 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई जबकि अब तक 218.60 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।
दस्तावेज के मुताबिक योजना के तहत दो कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं जबकि चार कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। विभाग ने योजना की भौतिक प्रगति 82 प्रतिशत दर्ज की है। योजना में नगर पालिका कार्यालयों और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न निर्माण और सुधार कार्य शामिल बताए गए हैं।
हालांकि कई स्थानों पर कार्यों की गति धीमी होने और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर क्षेत्र में विकास कार्यों की निगरानी मजबूत किए जाने की जरूरत है ताकि स्वीकृत बजट का सही उपयोग हो सके और कार्य समय पर पूरे हों।
गौ आश्रय एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना में लाखों खर्च, सड़कों पर अब भी छुट्टा पशुओं का कब्जा..
नगर पालिका परिषद मंझनपुर द्वारा संचालित “गौ आश्रय एवं बेसहारा पशु आश्रय” योजना का भी ब्यौरा रिपोर्ट में दर्ज है। योजना के तहत एक कार्य स्वीकृत किया गया। इसके लिए 165.89 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई जबकि 158.79 lakh रुपये प्राप्त हुए हैं।
रिपोर्ट में योजना की भौतिक प्रगति 60 प्रतिशत बताई गई है तथा एक कार्य पूर्ण होने का उल्लेख किया गया है। योजना का उद्देश्य बेसहारा और छुट्टा पशुओं को आश्रय उपलब्ध कराना तथा नगर क्षेत्र में पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं और अव्यवस्था को नियंत्रित करना है।
इसके बावजूद नगर क्षेत्र की मुख्य सड़कों और बाजारों में अब भी बड़ी संख्या में छुट्टा पशु घूमते दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और किसानों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में योजना की वास्तविक स्थिति और जमीनी प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वेतन योजना में 148 लाख स्वीकृत, भुगतान प्रक्रिया पूरी होने का दावा..
नगर पालिका परिषद की “वेतन योजना” के अंतर्गत कर्मचारियों के वेतन और अन्य वित्तीय भुगतान के लिए 148.44 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 74 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।
इस योजना में चार कार्यों का उल्लेख किया गया है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि वित्तीय कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है तथा वेतन और अन्य भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई है। दस्तावेज में यह भी दर्ज है कि संबंधित कार्यालयीय कार्रवाई 25 अप्रैल 2026 को पूर्ण कर ली गई थी।
हालांकि नगर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नगर पालिका को केवल वेतन भुगतान तक सीमित न रहकर विकास योजनाओं को भी तेजी से धरातल पर उतारना चाहिए। करोड़ों रुपये की स्वीकृत योजनाओं के बावजूद जनता अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए इंतजार कर रही है।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415
