गोवंश को ठंड से बचाने हेतु गौशालाओं में पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करें—जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल सचिव ग्राम पंचायत जमुनापुर निलंबित, सहयोग न मिलने पर कार्रवाई के निर्देश
कौशाम्बी। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने एनआईसी सभागार में गोवंश आश्रय स्थलों की जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने संरक्षित गोवंशों, सहभागिता योजना के अंतर्गत सुपुर्द किए गए गोवंशों तथा आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सुपुर्दगी में दिए गए गोवंशों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि नोडल अधिकारी सभी गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण कराएँ और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ पूर्ण कर लें।
चारागाहों में चारे की बुआई कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी—कड़ा, चायल, सरसवां, नेवादा एवं कौशाम्बी—से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के गोआश्रय स्थलों का प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएँ समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि गोआश्रय स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस खंड विकास अधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को प्रदान किया जाए, ताकि निगरानी और अधिक प्रभावी हो सके। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को भूसा, चारा सहित सभी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि गोआश्रय स्थल जमुनापुर में आवश्यक व्यवस्थाओं के अनुपालन में सचिव ग्राम पंचायत एवं ग्राम प्रधान का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को सचिव ग्राम पंचायत जमुनापुर को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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