कौशाम्बी में शिक्षा विभाग में बड़ा खुलासा, डीआईओएस पर रिटायरमेंट से पहले की गई फर्जी तरह नियुक्तियों का आरोप, अपने कई रिस्तेदारो को किया पोस्टिंग,आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की खुलेआम अनदेखी
👉 31 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए डीआईओएस ने अपने रिश्तेदारों को दी पोस्टिंग ,कई स्कूलों में अपनों को लाभ पहुंचाने का मामला आया सामने।
👉 डीआईओएस पर पद का दुरुपयोग कर भर्ती घोटाले का आरोप ,समाजसेवियों ने नियुक्तियों की जांच और कार्रवाई की उठाई मांग।
👉 शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर खड़े हुए गंभीर सवाल,पत्रकार अमरनाथ झा ने मामले को उजागर कर प्रशासन को घेरा,अपने कार्यकाल में जिले के कई विद्यालयों में किया है पोस्टिंग…
👉 भ्रष्टाचार के खिलाफ कौशाम्बी में जनआंदोलन की बन रही तैयारी। 31 अप्रैल को जिले के लोगो ने की डीआइओएस की बिदाई, लेकिन DIOS छोड़ गए भ्रष्टचार की कार्रवाई…
कौशाम्बी: शिक्षा विभाग में बड़ा घोटाला, डीआईओएस पर फर्जी नियुक्तियों और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप ।
कौशाम्बी, 7 मई 2025 — कौशाम्बी जनपद के शिक्षा विभाग में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। हाल ही में सेवानिवृत्त हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पर सेवा काल के अंतिम दिनों में फर्जी तरीके से नियुक्तियों, पद के दुरुपयोग और अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि डीआईओएस ने 31 अप्रैल को रिटायरमेंट से पहले कई शिक्षण संस्थानों में मनचाही नियुक्तियाँ करवाईं और आउटसोर्सिंग के जरिए अपनों को तैनात कराया, जिसमें आरक्षण नियमों की भी खुलेआम अनदेखी की गई।
सूत्रों के अनुसार, डीआईओएस द्वारा किए गए कई नियुक्तियाँ न तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गईं और न ही उनके पीछे कोई पारदर्शी आधार रहा। समाजसेवियों और शिक्षा क्षेत्र के जानकारों ने इसे शिक्षा व्यवस्था के साथ धोखा करार देते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इस मामले को सबसे पहले वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ झा ने उजागर किया, जिनकी रिपोर्टिंग के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। श्री झा ने दस्तावेजों के साथ कई तथ्यों को सार्वजनिक करते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की अनियमितता नहीं, बल्कि एक सुनियोजित भर्ती घोटाले का हिस्सा है। उन्होंने नियुक्तियों की सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी – मामले के उजागर होने के बाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कई संगठनों और नागरिक समूहों ने इस मुद्दे पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है।
वहीं दूसरी ओर, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में असंतोष और भी बढ़ रहा है।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254415 , 8318977396
