10 शहरों में कोहरा, वाराणसी में दृश्यता 200 मीटर:दो विमान उतर नहीं पाए; यूपी में 8°C तक लुढ़का पारा, ठंड बढ़ी
यूपी में 3 दिन लगातार हुई बारिश के बाद ठंड शुरू हो गई। सोमवार सुबह वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया समेत 10 से ज्यादा शहरों में घना कोहरा छाया रहा। वाराणसी में सुबह 7 बजे दृश्यता 200 मीटर रह गई। इस वजह से 2 विमान उतर ही नहीं पाए। इंडिगो की बेंगलुरु और दिल्ली से आने वाली फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया। अवध और पश्चिमी यूपी में धूप कमजोर होने लगी है। दिन के पारे में 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। रात का पारा 15 डिग्री के नीचे पहुंच गया है। इससे सुबह-शाम की ठंड बढ़ गई है। रविवार देर रात वाराणसी में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज समेत ज्यादातर शहरों में मौसम साफ है। सिर्फ सोनभद्र में हल्की बारिश का अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में नया मुरासु चक्रवात बना है। हालांकि, इसका यूपी पर कोई सीधा असर पड़ने की संभावना नहीं है। कुछ जगहों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। पूर्वी यूपी में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। प्रदेश में मौसम की 4 तस्वीरें… अक्टूबर में औसत से 14% ज्यादा बारिश हुई मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी में अक्टूबर महीने में 32.1 मिमी बारिश हुई, जबकि औसत अनुमान 28.2 मिमी का था। ऐसे में औसत से 14% ज्यादा बारिश हुई। नवंबर में पूर्वांचल में बारिश के आसार मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर महीने में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर इलाकों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में सामान्य से कम वर्षा के आसार हैं। पूर्वांचल में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से कुछ कम रह सकता है। इसके उलट पश्चिमी यूपी में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। ग्राफिक्स में देखिए यूपी के सबसे 5 ठंडे जिले ग्राफिक्स में देखिए यूपी के सबसे 5 सबसे गर्म जिले रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई में बरतें सावधानी नवंबर में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को रबी फसलों के प्रबंधन में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर पूर्वांचल में गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। निचले खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है। जिन खेतों में बारिश के कारण पर्याप्त नमी है, वहां अनावश्यक सिंचाई से बचें। मौसम की स्थिति और मिट्टी में नमी को देखते हुए ही बुवाई और सिंचाई का निर्णय लें। CM बोले- फसल बर्बादी पर किसानों को तत्काल मुआवजा दें अतिवृष्टि और अर्नब तूफान से फसलों को हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर तत्काल फसल क्षति का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने में देरी नहीं होनी चाहिए। यदि फसल का नुकसान निर्धारित मुआवजे के दायरे से अधिक है तो भी किसानों को राहत देने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए।
