पंचायत में साली का समझौता हुआ, जीजा ने जान दी:सुल्तानपुर में सिर में गोली मारी; पति के साथ रहने से मना कर रहा था
सुल्तानपुर में साली की पंचायत से लौटने के बाद जीजा ने सिर में गोली मारकर जान दे दी। जौनपुर में हुई पंचायत में साली के पति और उसके मायके वालों के बीच सुलह हो गई थी, लेकिन जीजा दिग्विजय इस फैसले से सहमत नहीं था। मंगलवार (13 अक्टूबर) को घर लौटने के बाद उसने पिता की लाइसेंसी रायफल से सिर में गोली मार ली। बुधवार को 4 साल के मासूम बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। दिग्विजय पंचायत में अकेले गया था। उसकी पत्नी का कहना है कि घर लौटने के बाद उसने पंचायत में हुई किसी बात के बारे में नहीं बताया। मेरी मां का फोन आते ही दिग्विजय कमरे में गए और गोली मार ली। घटना जिला मुख्यालय से करीब 37 किमी दूर लंभुआ क्षेत्र की है। आखिर पंचायत में ऐसा क्या हुआ था, जिससे दिग्विजय नाराज था? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले मामला पढ़िए… सुल्तानपुर में मंगलवार की शाम दिग्विजय ने रायफल से गोली मारकर जान दे दी। घटना से 10 मिनट पहले ही वह अपनी ससुराल से घर लौटा था। गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी दौड़ते हुए कमरे में पहुंची, वहां देखा तो पति खून से लथपथ जमीन पर तड़पता मिला। पत्नी ने परिवार वालों को फोन करके घटना के बारे में बताया। इसके बाद सभी युवक को लेकर अस्पताल गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के समय युवक के घर पर पत्नी और बच्चे ही थे। बुधवार शाम को 4 साल के बेटे ने पिता का अंतिम संस्कार किया। 18 बीघा जमीन पर खेती कराता था धनेछ गांव में रहने वाला दिग्विजय सिंह (32) पुत्र लाल प्रताप सिंह खेती-किसानी करता था। घर में 18 बीघा जमीन है। दिग्विजय अपने माता-पिता के इकलौते बेटा था। पिता लाल प्रताप सिंह भी खेती करते थे, लेकिन 10 साल से वो पैरालाइज्ड हैं। दिग्विजय की शादी 8 साल पहले जौनपुर के सुनजानगंज की रहने वाली अमृता सिंह से हुई थी। दिग्विजय और अमृता के तीन बच्चे- ध्रुवी (6), सुरभि (5) और सबसे छोटा बेटा शौर्य (4) हैं। दो साल पहले गांव के ही रहने वाले आयुष के साथ दिग्विजय ने अपनी साली मोनी की शादी कराई थी। आयुष का घर दिग्विजय के घर से 400 मीटर की दूरी पर है। शादी के बाद से ही मोनी और आयुष में झगड़े शुरू हो गए। कई बार की थी समझौते की कोशिश दिग्विजय ने शुरू में कई बार दोनों में समझौता कराया। लेकिन, 6 महीने पहले मोनी ससुराल से अपने मायके चली गई। दिग्विजय ने कई बार दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। दिग्विजय ने ही शादी करवाई थी, इसलिए उसने कई बार पंचायत करवाई, जिससे साली अपने ससुराल में ही रहने लगे। मोनी ने साफ-साफ बोल दिया था कि वह आयुष के साथ नहीं रहेगी। आयुष का भी कहना था कि अब वह मोनी को लेने नहीं जाएगा। मंगलवार को आयुष समझौता करने के लिए जौनपुर जा रहा था। दिग्विजय भी पंचायत में शामिल होने ससुराल गया। दोनों को गांव से ही ससुराल जाना था, लेकिन दोनों अलग-अलग गए थे। दिग्विजय समझौता कराने के पक्ष में नहींं था जौनपुर में मोनी और आयुष में समझौते की बात होने लगी। दिग्विजय अब समझौता करने के पक्ष में नहीं था। उसका कहना था कि इतनी बार जब पंचायत और समझाने के बाद नहीं माने तो अब दोनों को अलग ही रहना चाहिए। दिग्विजय के मना करने पर उसकी सास और आयुष ने बुरा-भला कह दिया। आयुष और मोनी साथ रहने को राजी हो गए। दिग्विजय घर लौटा तो गुस्से में था। घर पहुंचकर उसने पत्नी को कुछ नहीं बताया। उसने कपड़े भी नहीं बदले थे। तभी ससुराल से सास का फिर फोन आ गया। फोन आते ही दिग्विजय ने गाली दी और मोबाइल पत्नी अमृता को दे दिया। अमृता घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर के पास जाकर फोन पर बात करने लगी। पिता की लाइसेंसी रायफल से गोली मारी दिग्विजय घर के अंदर गया और पिता की लाइसेंसी रायफल निकाल ली। उसने अपने सिर पर गोली मार ली। गोली लगते ही खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया। पत्नी दौड़कर अंदर पहुंची और शोर मचाया। आसपास के लोगों और परिजनों ने हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मंगलवार रात पूर्व भाजपा विधायक देवमणि ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। पड़ोसियों ने बताया कि दिग्विजय के पास लगभग 18 बीघे जमीन थी, वह खेती करता था। पिछले साल ही उसने खेती के लिए लोन पर एक ट्रैक्टर लिया था। अब वो घर की मरम्मत करने की तैयारी में जुटा था। घर का इकलौता कमाने वाला था गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि 10 साल पहले दिग्विजय के पिता लाल प्रताप सिंह ने गांव के ही एक व्यक्ति को फंसाने के लिए अपने पैर में गोली मार ली थी। उसके बाद से वो पैरालाइज्ड हैं और बिस्तर पर ही रहते हैं। दिग्विजय ही घर पर इकलौते कमाने वाले थे। चचेरे भाई सोनू सिंह ने बताया कि दिग्विजय ने अपनी साली की शादी इसी गांव में कराई थी। अलैया गांव में बातचीत के बाद लड़की को वापस लाने के लिए सुलह-समझौता हो गया था। ससुराल से घर लौटने के बाद इन्होंने खुद को गोली मार ली। मैं खेत पर था तो भतीजे का फोन आया। हम लोग हॉस्पिटल ले गए, लेकिन मौत हो गई। सीओ लंभुआ ऋतिक कपूर ने बताया शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को दे दिया गया है। परिवार की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले में जांच की जा रही है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… पति को मारकर नीले-ड्रम में भरने वाली मुस्कान को सजा-ए-मौत:प्रेमी साहिल को भी फांसी; मेरठ कोर्ट में बोली- मेरी बच्चियों का ध्यान रखना मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई गई। उसके प्रेमी साहिल को भी कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई। सजा सुनाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। मुस्कान रस्तोगी और साहिल फूट-फूटकर रोने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
