क्या बृजभूषण के सामने झुकेगी भाजपा:25 सीटें, क्षत्रिय वोट पर दबदबा; यौन शोषण केस में बरी होने के बाद अगला दांव क्या होगा

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क्या बृजभूषण के सामने झुकेगी भाजपा:25 सीटें, क्षत्रिय वोट पर दबदबा; यौन शोषण केस में बरी होने के बाद अगला दांव क्या होगा

पहले 2 बयान पढ़िए… 1. ‘मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित होता है, तो खुद फांसी पर लटक जाऊंगा।’ मई, 2023 2. ‘जिस लोकसभा से बेइज्जत करके निकाला गया हूं, एक बार वहां लौटूंगा जरूर…।’ दिसंबर, 2025 ये बयान यौन शोषण के आरोप लगने और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट कटने पर बृजभूषण शरण सिंह ने दिए थे। अब कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। ऐसे में यूपी और भाजपा में बृजभूषण का वजन एक बार फिर से बढ़ गया है। अब सवाल ये हैं कि बृजभूषण का राजनीतिक करियर किस तरफ जाएगा? आखिर एक फैसले ने यूपी के राजनीतिक समीकरण कैसे बदल दिए? यूपी चुनाव में भाजपा के लिए बृजभूषण कितने फायदेमंद? जानेंगे आज यूपी एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बृजभूषण जिस पार्टी में होंगे, क्या चुनाव में उसी को फायदा होगा? जवाब: हां, बृजभूषण का राजनीतिक महत्व एक सीट या जिले तक सीमित नहीं है। पिछले तीन दशकों में उन्होंने पूरे देवीपाटन मंडल समेत आस-पास जिलों में ऐसा नेटवर्क बनाया है, जो भाजपा और जातिगत सीमाओं को पार कर चुका है। इसी वजह से वह पार्टी से इतर पूर्वी यूपी के सबसे प्रभावी नेताओं में गिने जाते हैं। सवाल-2: यौन शोषण केस में बरी होने से भाजपा में बृजभूषण की ताकत कैसे बढ़ेगी? जवाब: इन तीन वजहों से बृजभूषण भाजपा और यूपी की राजनीति में फिर से मजबूत होंगे… 1. पार्टी के भीतर खोई साख वापस मिलेगी 2. 2027 विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में दखल 3. 2029 लोकसभा चुनाव में वापसी करेंगे हालांकि, बृजभूषण को ज्यादा तवज्जो देने से भाजपा नुकसान भी हो सकता है… सवाल-3: क्या बृजभूषण भाजपा से नाराज हैं और सपा में जा सकते हैं? जवाब: इसे लेकर कुछ साफ नहीं कहा जा सकता। हालांकि, काफी समय से उनके बयानों से इसी तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सवाल-4: बृजभूषण की नाराजगी से भाजपा को कितना नुकसान होगा? जवाब: ————————————————– ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… संसद में भगवा ड्रामा पर सपा ने यू-टर्न क्यों लिया: रामगोपाल बोले- गलत हुआ; क्या संतों के गुस्से से बैकफुट पर आए अखिलेश? विपक्षी सांसद 31 जुलाई को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी वहां पहुंचे। भगवा कपड़े पहनकर साधु बने और चंदा चोरी का ड्रामा किया। इससे देशभर के साधु-संत भड़क गए। सबसे ज्यादा विरोध सपा और अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद का हो रहा है। सवाल ये है कि नाटक पप्पू यादव ने किया तो साधु-संत सपा से क्यों नाराज हैं? जानिए यूपी एक्सप्लेनर में…

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