यूपी में 20 IAS का ट्रांसफर, इनमें 8 महिला अफसर:सिर्फ 6 महीने में तीन को अहम पद से हटाया, रिया केजरीवाल भी साइडलाइन
योगी सरकार ने गुरुवार देर रात 12 बजे 20 IAS अफसरों का ट्रांसफर कर दिया। इनमें 8 महिला अफसर हैं। 3 अफसर ऐसी हैं, जिन्हें महज 6 महीने में ही अहम पद से हटा दिया गया। इनमें राजस्व विभाग की सचिव सुधा वर्मा, चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव महानिदेशक सारिका मोहन और महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा हैं। इसी साल एक जनवरी को हुए ट्रांसफर में इन तीनों महिला अफसरों को महत्वपूर्ण पोस्टिंग दी गई थी। हालांकि, पद संभालने के बाद से ही इनकी शिकायतें सरकार तक पहुंच रही थीं। यही वजह है कि 6 महीने 9 दिन में ही इनका तबादला कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, सुधा वर्मा की विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा यू से अनबन चल रही थी। उन्हें हटाकर श्रमायुक्त बनाया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव और महानिदेशक सारिका मोहन के कामकाज को लेकर भी शिकायतें थीं। उन्हें हटाकर आईजी रजिस्ट्रेशन बनाया है। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा को चिकित्सा शिक्षा विभाग में सचिव और महानिदेशक बनाया गया है। इसके साथ ही PCS से IAS बने कुछ अफसरों को भी तैनाती दी गई है। पूरी लिस्ट देखिए- बिजली संकट के बाद रिया केजरीवाल को हटाया प्रदेश के मध्यांचल क्षेत्र में गंभीर बिजली संकट और बिजली कटौती के कारण जनता के सड़कों पर उतरने की गाज मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल पर गिरी है। उन्हें हटाकर विशेष सचिव बाल विकास और पुष्टाहार के पद पर तैनाती दी गई है। संदीप भागिया को हटाया, लेकिन प्राइज पोस्टिंग मिली राज्य कर विभाग गौतमबुद्ध नगर के अपर आयुक्त और 2018 बैच के आईएएस अफसर संदीप भागिया को हटा दिया गया है। उन्हें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी जैसे महत्वपूर्ण पद पर पोस्टिंग दी है। राज्य कर विभाग के 60 अधिकारियों ने भागिया के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीएम योगी और मुख्य सचिव एसपी गोयल से शिकायत की थी। भागिया पर अधिकारियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप है। 14 जून को एक बैठक में उनकी डांट के बाद एक अधिकारी वेद प्रकाश सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी, वे बेहोश हो गए थे। दीपा रंजन को 3 साल बाद भी अच्छी पोस्टिंग नहीं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रबंध निदेशक दीपा रंजन का करीब तीन साल बाद तबादला किया गया है। 2013 बैच की IAS दीपा सितंबर 2023 से इस पद पर कार्यरत हैं। उन्हें संस्कृति विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। जबकि, उनके बैच के अधिकांश अफसर जिलों में डीएम के पद पर तैनात हैं। व्यापारियों की नाराजगी के बाद हटाए गए जग प्रवेश मथुरा-वृंदावन में व्यापारियों की नाराजगी के बाद नगर आयुक्त जग प्रवेश को हटाया गया है। 2018 बैच के IAS जग प्रवेश को बीते साल मई में मथुरा-वृंदावन नगर निगम का आयुक्त बनाया था। हाल ही में महोली रोड पर नगर आयुक्त के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। निगम कर्मचारियों ने दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त किया था। इस दौरान व्यापारियों और नगर आयुक्त में नोकझोंक हुई थी। व्यापारियों ने नगर आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। वहीं, शहर में कचरा उठाने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने एक कब्रिस्तान की सफाई के दौरान 9 कब्रों और पेड़ो को क्षतिग्रस्त किया था। कंपनी ने मात्र 100 रुपए प्रति कब्र और पेड़ की दर से 3300 रुपए का मुआवजा भुगतान किया था। कब्रिस्तान कमेटी ने मामले में नाराजगी जाहिर की थी। बलिया की मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज को मथुरा-वृंदावन नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। विशाल सिंह से संस्कृति विभाग का काम वापस लिया 2027 के चुनाव को देखते हुए सरकार ने सूचना एवं संस्कृति विभाग के निदेशक विशाल सिंह से संस्कृति विभाग का काम वापस ले लिया है। विशाल सिंह अब अपना पूरा फोकस सूचना विभाग पर करेंगे। इसके अलावा, संस्कृति विभाग के विशेष सचिव संजय सिंह को विभाग का निदेशक बनाया गया है। राकेश कुमार पटेल को आजमगढ़ में सीडीओ बनाया पीसीएस से आईएएस में पदोन्नत 29 अधिकारियों में से लखनऊ के अपर मंडलायुक्त राकेश कुमार पटेल को आजमगढ़ में सीडीओ बनाया गया है। मुजफ्फरनगर के अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह को इटावा में सीडीओ नियुक्त किया है। गोंडा के अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार को बलिया में सीडीओ के पद पर तैनात किया गया है। इटावा के CDO अजय कुमार गौतम का ट्रांसफर इटावा के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अजय कुमार गौतम का ट्रांसफर कर गाजियाबाद प्रथम में अपर आयुक्त, राज्य कर बनाया गया है। 2020 बैच के IAS अजय कुमार गौतम ने 12 दिसंबर 2023 को इटावा में कार्यभार संभाला था। ————————- ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर में अभी भी चंपत राय सबसे पावरफुल:खास लोग 1800 करोड़ वाले खाते संभाल रहे, VIP दर्शन कराने का ठेका ले रहे राम मंदिर परिसर में चंपत राय की हुकूमत अब भी बरकरार है। दैनिक भास्कर की छानबीन में सामने आया है कि ट्रस्ट से बाहर होने के बाद भी वीआईपी पास बांटने में चंपत राय का ही सिक्का चल रहा है। मंदिर के 1800 करोड़ का फंड जिन बैंक अकाउंट में है, उन्हें भी उनके खास लोग संभाल रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए
