दिशा बैठक में गूंजी सिराथू बाजार की आवाज, विकास के नाम पर व्यापारियों की आजीविका पर संकट का आरोप
कौशाम्बी
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सिराथू बाजार के व्यापारियों की समस्याएं प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आईं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर, सांसद पुष्पेंद्र सरोज, जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत, जिला पंचायत सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष विभा सिंह ने बैठक के दौरान सिराथू बाजार के व्यापारियों की समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों के कारण स्थानीय व्यापारियों की आजीविका पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील के स्थानांतरण के बाद सिराथू बाजार की आर्थिक गतिविधियों में भारी गिरावट आई है। इसके अलावा रेलवे ओवरब्रिज बनने के बाद छोटे दुकानदारों, चाय-नाश्ता विक्रेताओं, ठेला संचालकों और अन्य छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है। अब रजिस्ट्री कार्यालय को भी दूर स्थानांतरित किए जाने से बाजार की व्यापारिक गतिविधियों पर और अधिक संकट गहरा गया है।
विभा सिंह ने कहा कि विकास योजनाएं जनता की सुविधा के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन यदि उनके कारण हजारों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास का निर्माण कराया जाए, जिससे बाजार तक लोगों की पहुंच आसान हो सके और व्यापारिक गतिविधियों को नया जीवन मिल सके।
उन्होंने क्षेत्र के सांसद से इस विषय पर विशेष ध्यान देने और व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उनका कहना था कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो सिराथू बाजार के हजारों छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
