माफिया दिलीप मिश्रा की 1.10 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क
प्रयागराज | मेजा क्षेत्र
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हुए चर्चित आरडीएक्स बम हमले के आरोपी और माफिया दिलीप मिश्रा के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। प्रयागराज पुलिस ने अब उसकी करीब 1.10 करोड़ रुपये मूल्य की एक और बेनामी संपत्ति का पता लगाया है, जिसे गैंगस्टर एक्ट के तहत जल्द कुर्क किया जाएगा।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मेजा क्षेत्र के सिंलौधी गांव में दो बड़े भूखंड बेनामी तरीके से खरीदे गए थे। इनमें एक भूखंड लगभग 9,400 वर्ग मीटर तथा दूसरा 9,100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का है। जांच में सामने आया कि ये संपत्तियां दिलीप मिश्रा द्वारा अपनी रिश्तेदार महिला की बहू के नाम पर खरीदी गई थीं।
जब पुलिस ने संबंधित महिला की आर्थिक स्थिति और आय के स्रोतों की जांच की, तो संपत्ति खरीद के समय उसकी आय का कोई वैध स्रोत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्ति मानते हुए कुर्की की कार्रवाई की संस्तुति की।
⚖️ पुलिस कमिश्नर ने दिया कुर्की का आदेश
मामले में पुलिस कमिश्नर की ओर से संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया गया है। अब गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत उक्त संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
🔹 25 दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई दिलीप मिश्रा के आर्थिक साम्राज्य पर 25 दिनों के भीतर दूसरी बड़ी चोट मानी जा रही है। इससे पहले 23 मई को नैनी थाना क्षेत्र के छिवकी इलाके में स्थित लगभग 43 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति भी कुर्क की गई थी। पुलिस के अनुसार वह संपत्ति भी आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से तैयार की गई थी।
💣 नंदी पर RDX हमले का आरोपी
दिलीप मिश्रा का नाम 12 जुलाई 2010 को प्रयागराज के बहादुरगंज इलाके में हुए चर्चित आरडीएक्स बम हमले के बाद सुर्खियों में आया था। इस हमले में तत्कालीन मंत्री और वर्तमान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि वरिष्ठ पत्रकार विजय प्रताप सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा, विधायक विजय मिश्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
📌 54 मुकदमों का हिस्ट्रीशीटर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दिलीप मिश्रा के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट सहित गंभीर धाराओं में 54 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह मई 2020 से जेल में बंद है।
🗣️ पुलिस का कहना है कि माफिया और संगठित अपराध से जुड़े अपराधियों की अवैध संपत्तियों को लगातार चिन्हित कर कुर्क किया जा रहा है, ताकि उनके आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
