साधु का हत्यारोपी इसराइल एनकाउंटर में ढेर:उन्नाव में लाउडस्पीकर से भजन बजाने पर की थी हत्या, 1 लाख का इनामी था

0
साधु का हत्यारोपी इसराइल एनकाउंटर में ढेर:उन्नाव में लाउडस्पीकर से भजन बजाने पर की थी हत्या, 1 लाख का इनामी था

उन्नाव में साधु राममिलन दास उर्फ बाबा मिलन दास सिंह (45) हत्याकांड का मुख्य आरोपी इसराइल एनकाउंटर में ढेर हो गया। SP जयप्रकाश सिंह ने बताया कि इसराइल ने 9 जून को 4 साथियों के साथ मिलकर बाबा मिलन की हत्या की थी। साधु के भाई ने दावा किया था कि राममिलन शिव मंदिर में लाउडस्पीकर लगाकर भजन बजाते थे, जिससे आरोपी नाराज थे। इसी कारण विवाद हुआ और आरोपियों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। वारदात के बाद से इसराइल फरार था। सोमवार तड़के 3:40 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी की घेराबंदी की। खुद को घिरता देखकर उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में 36 साल का इसराइल मारा गया। मुठभेड़ ताजपुर इलाके में हुई। 2 दिन पहले इसराइल पर SP ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। कल यानी रविवार को उन्नाव सांसद साक्षी महाराज ने घटना पर कहा था कि अगर आरोपी सरेंडर नहीं करेगा तो एनकाउंटर होगा ही। एनकाउंटर से जुड़ी हुईं तस्वीरें देखिए-
पुलिस ने कैसे मार गिराया, पढ़िए SP जयप्रकाश ने बताया कि तड़के 3:40 बजे सूचना मिली कि एक लाख का इनामी इसराइल उर्फ इजराइल ताजपुर अंडरपास के पास है।वह किसी साथी का इंतजार कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी टीम ने घेराबंदी की। पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से एसओजी सिपाही विकास भदौरिया घायल हो गया। दरोगा न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी। वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद टीम ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी को गोली लग गई। पुलिस उसे बांगरमऊ CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया। जिस चाकू से साधु की हत्या की गई थी, उसे भी आरोपी के पास से बरामद कर लिया गया।
बदमाश के घर पर ताला लगा
इसराइल मूल रूप से बांगरमऊ कोतवाली के गांव ततियापुर का रहने वाला था। वह 20 सालों से बांगरमऊ के मोहल्ला पुरबिया टोला में रहता था और मजदूरी करता था। उसके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। पत्नी का नाम सईदा है। घर पर ताला लगा है। इसराइल के 8 भाई थे, जिनमें से 2 भाइयों की पहले मौत हो चुकी है। इसराइल पांचवें नंबर का था। भाई पप्पू की 7 महीने पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बाबा के भाई बोले- हत्या के पीछे साजिश थी, ताकि मंदिर न बन पाए इसरायल के एनकाउंटर के बाद साधु के भाई राजेंद्र सिंह ने कहा-बाकी आरोपियों के खिलाफ भी इसी तरह का एक्शन होना चाहिए। बाबा की हत्या साजिश के तहत की गई। क्योंकि, वह मंदिर निर्माण करा रहे थे। वहां भजन-कीर्तन करते थे। हत्या इसलिए की गई कि मंदिर की गतिविधियां बंद हो जाएं। मंदिर निर्माण के दौरान ही बाबा को धमकियां दी जा रहीं थीं। हालांकि, बाबा ने परिवार को इस बारे में नहीं बताया था, ताकि परिवार में डर का माहौल न बने। उनकी हत्या के बाद ये बात सामने आई है। वहीं, बाबा के दूसरे भाई वीरेंद्र सिंह ने कहा- पुलिस ने एनकाउंर करके अच्छा काम किया। जो अपराधी अभी बचे हैं, उनका भी एनकाउंटर किया जाना चाहिए। इस हत्याकांड के पीछे जो मास्टरमाइंड हैं उनको भी सामने लाना चाहिए।
साधु की हत्या कैसे की गई, पढ़िए
बांगरमऊ थाना के रामनगर के रहने वाले बाबा मिलन दास पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ठेकेदारी का काम करते हैं। दूसरे नंबर पर रविंद्र सिंह, तीसरे पर राजेश सिंह, चौथे पर टार्जन सिंह और सबसे छोटे मिलन सिंह रघुवंशी उर्फ बाबा मिलन दास थे। मिलन घर से करीब 500 मीटर दूर अपनी ही जमीन पर भगवान शिव का मंदिर बनवा रहे थे, जिसका काम पिछले 5 महीनों से चल रहा था। वह निर्माणाधीन मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते थे। परिजनों के अनुसार, मंदिर से कुछ दूरी पर एक मस्जिद है। आरोप है कि मंदिर में साधु लाउडस्पीकर लगाकर भजन बजाते थे, जिससे कुछ लोग नाराज थे। इसके चलते 9 जून की दोपहर संत राममिलन दास को सभासद अतीक खां के अहाते में बुलाया। वहां इसराइल और उसके साथियों ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमलावरों ने उनकी पीठ और शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, संत राममिलन दास जान बचाने के लिए अहाते के मुख्य गेट की ओर भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा किया और लगातार हमला करते रहे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह कुछ दूरी पर गिर पड़े, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल संत को स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से जुड़ी ये 4 तस्वीरें भी देखिए- साधु के हत्या के बाद सड़क पर उतर गई थी भीड़
साधु के हत्या की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया था। पुलिस की मौजूदगी में साधु के शव को मंदिर के पास ही दफनाया गया था। 3 आरोपी गिरफ्तार, एक मारा गया
संत के भाई वीरेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों और 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इसमें इसराइल, लल्ली उर्फ अजय गौतम, यामीन, शानू और मोहम्मद शफी को नामजद किया था। 11 जून को पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शफी, लल्ली उर्फ अजय गौतम और यामीन को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी भागने की फिराक में थे। पुलिस ने इन्हें कल्याणी नदी पुल के पास से गिरफ्तार किया था। इसराइल फरार चल रहा था, जिसे मुठभेड़ में मारा गिराया। पहले भी हो चुकी हैं उन्नाव में साधुओं की हत्याएं
स्थानीय लोगों के मुताबिक, 2013 में नगर के प्रसिद्ध बोधेश्वर मंदिर के सेवादार कल्लू पंडित (निवासी जोगीकोट) की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में संत राममिलन दास भी घायल हुए थे। इसके अलावा, कई साल पहले माढ़ापुर मार्ग पर भी एक संत की हत्या की घटना सामने आई थी। ———————
ये खबर भी पढ़ें..
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के 3 जिम्मेदार:चंपत राय ने ट्रस्ट के सदस्यों से चोरी छिपाई; गोपाल राव ने CCTV चेक नहीं किए अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला देशभर की सुर्खियों में है। ट्रस्ट अपने स्तर पर छापेमारी और कैश रिकवरी की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन, अब तक FIR दर्ज नहीं कराई गई है।पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुख्य ख़बरें