कौशांबी में हरे पेड़ों का अवैध कटान! आधी रात चल रहा आरा, वन विभाग और पुलिस पर उठे सवाल
कौशांबी में आधी रात हरे फलदार पेड़ों पर चल रहा आरा! वन विभाग और पुलिस पर संरक्षण के आरोप
कौशांबी। मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के मलाक पिंजरी, चकिया, जदुवीरपुर, पीताम्बरपुर समेत करीब एक दर्जन गांवों में हरे फलदार पेड़ों के कथित अवैध कटान का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय लकड़ी माफिया पेट्रोलिंग आरा मशीन और मजदूरों के साथ पहुंचकर हरे पेड़ों की कटाई करते हैं और लकड़ी को पिकअप वाहनों से अन्य स्थानों पर ले जाया जाता है।
हरे पेड़ों का अवैध कटान बना चिंता का विषय
ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में चकिया गांव में तीन हरे नीम के पेड़ काटे गए, जबकि लगभग 15 दिन पहले जदुवीरपुर गांव में भी कई नीम के पेड़ों का कटान किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही इस गतिविधि से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस और वन विभाग से की थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
विभागों पर लगे आरोप, आधिकारिक पुष्टि नहीं
कुछ स्थानीय लोगों ने शमशाबाद चौकी पुलिस और वन विभाग के कुछ अधिकारियों पर अवैध कटान को संरक्षण देने तथा कथित अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभागों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दोषियों पर कार्रवाई और पौधरोपण की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा काटे गए पेड़ों के स्थान पर नए पौधे लगाने की मांग की है। क्षेत्र में लगातार हो रहे पेड़ों के कटान से पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है।
