फायर NOC की भरमार, फिर भी धधकता रहा कौशाम्बी, RTI में खुला सच: 5 साल में 1588 आग की घटनाएं,कागजों में फायर सेफ्टी, जमीन पर खतरा
👉 450 से ज्यादा इमारतों को NOC, फिर भी आग से करोड़ों का नुकसान, NOC जारी, लेकिन सुरक्षा लाचार!
👉 RTI में खुलासा: कौशाम्बी में पांच साल में 1588 आग की घटनाएं
👉 फायर विभाग के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, सैकड़ों भवनों को NOC, आग की घटनाएं लगातार बढ़ीं , NOC बांटने में तेजी, आग बुझाने में चुनौती
👉 RTI में सामने आया कौशाम्बी का चौंकाने वाला आंकड़ा, फायर सेफ्टी पर बड़ा सवाल…
👉 NOC सैकड़ों को, पांच साल में 1588 बार लगी आग , फायर NOC के खेल में कौन जिम्मेदार?
कौशाम्बी । जिले में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पत्रकार अमरनाथ झा की RTI में सामने आए आंकड़ों ने अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कौशाम्बी। जनपद में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जन सूचना अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी में अग्निशमन विभाग ने ऐसे आंकड़े जारी किए हैं, जिनसे साफ हो रहा है कि जिले में बड़ी संख्या में फायर सेफ्टी NOC जारी की गई, लेकिन आग की घटनाओं पर रोक नहीं लग सकी।
RTI के अनुसार जिले में 450 से अधिक भवनों को फायर सेफ्टी NOC जारी की गई है। इनमें शैक्षणिक संस्थानों को 143, संस्थागत भवनों को 211, असेंबली श्रेणी को 12, बिजनेस को 8, मर्केंटाइल को 8, औद्योगिक इकाइयों को 20, खतरनाक श्रेणी को 19, आवासीय भवनों को 11 और स्टोरेज श्रेणी को 18 एनओसी दी गई हैं।
इसके बावजूद जिले में आग की घटनाएं लगातार बढ़ती रही हैं। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2021 से 2025 के बीच कुल 1588 आग की घटनाएं दर्ज की गईं। इन घटनाओं में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई।
सबसे अधिक नुकसान वर्ष 2025 में लगभग 16 करोड़ 35 लाख रुपये का दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर फायर सेफ्टी के नाम पर जारी NOC और जमीनी हकीकत में कितना अंतर है।
RTI में जब निरीक्षण रिपोर्ट, नोटिस और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मांगी गई तो विभाग ने इसे तृतीय पक्ष सूचना बताकर देने से इंकार कर दिया। इससे यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या फायर सेफ्टी मानकों का सही तरीके से पालन कराया जा रहा है या नहीं।
पांच साल में आग की घटनाएं
2021 – 255
2022 – 280
2023 – 254
2024 – 390
2025 – 409
➡ कुल घटनाएं – 1588
➡ सबसे ज्यादा नुकसान 2025 में – ₹16.35 करोड़ से अधिक
बड़े सवाल
▪ क्या बिना सख्त जांच के जारी हो रही हैं फायर NOC?
▪ जिन भवनों को NOC मिली, क्या वहां सुरक्षा मानक पूरे हैं?
▪ निरीक्षण और कार्रवाई की जानकारी छिपाने की वजह क्या है?
इस प्रकार के तमाम सवाल है जो अग्नि शमन विभाग के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। आरटीआई में कुल 13 प्रश्नों में सिर्फ 3 प्रश्न का ही जवाब विभाग ने दिया है बाकी सवालों के मामले में तीसरा पक्ष बताकर पल्ला झाड़ लिया गया है।
अमरनाथ झा पत्रकार कौशाम्बी – 9415254415
