मंझनपुर तहसील में हदबंदी–पत्थरगड़ी पर गंभीर आरोप, खड़ी फसल जोतने से ग्रामीणों में आक्रोश

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👉 मंझनपुर तहसील के ग्राम सभा मेवहर में आराजी संख्या 384 की हदबंदी पर उठे गंभीर सवाल।
👉 गेस्ट हाउस, दुकानें और सड़क पार आईटीआई कॉलेज , दुकानें मौजूद होने के बावजूद कैसे हुई हदबंदी—ग्रामीणों का सवाल।
👉 राजस्व निरीक्षक पर आरोप, अगल-बगल के किसानों को पार्टी नहीं बनाया, सिर्फ ग्राम प्रधान को किया शामिल।
👉 हदबंदी के बाद खड़ी गेहूं की फसल जोतने का आरोप, किसान को भारी नुकसान।
👉 ठेकेदार अमर सिंह पर अन्य ब्लॉकों में फर्जी भुगतान के आरोप, ग्रामीणों ने जांच व विजिलेंस कार्रवाई की मांग की।

कौशाम्बी। मंझनपुर तहसील क्षेत्र में हदबंदी और पत्थरगड़ी की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम सभा मेवहर में आराजी संख्या 384 के कब्जेदार अमर रैदास से जुड़ी हदबंदी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस भूमि पर हदबंदी की गई, वहां पहले से गेस्ट हाउस और दुकानें बनी हुई हैं, जबकि सड़क के दूसरी ओर आईटीआई कॉलेज तथा दुकानो की इमारत मौजूद है। इसके बावजूद वास्तविक स्थलीय स्थिति की अनदेखी करते हुए हदबंदी और पत्थरगड़ी कर दी गई।
आरोप है कि हदबंदी के दौरान लेखपाल प्रशांत उपाध्याय,राजस्व निरीक्षक द्वारा अगल-बगल के किसी भी प्रभावित भूमिधर को पक्षकार नहीं बनाया गया और केवल ग्राम प्रधान को पार्टी बनाकर कार्रवाई पूरी कर दी गई। इसके बाद विवादित भूमि पर बोई गई खड़ी गेहूं की फसल को जेसीबी से जोत दिया गया, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
मामले में जब गांव के बुद्धिजीवियों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि गेस्ट हाउस के मालिक अमर सिंह द्वारा कथित रूप से टाइटल बदलकर और ठेकेदार बनकर नेवादा ब्लॉक, सरसवा और कौशाम्बी ब्लॉक में सड़क व आरसीसी से जुड़े कई कार्यों में बिना कार्य किए भुगतान निकलवाने और फर्जी भुगतान कराने के आरोप भी चर्चा में हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वह स्वयं को “10 करोड़ का मालिक” बताता फिरता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन कथित कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो मामला चौंकाने वाला हो सकता है। फिलहाल इस संबंध में आरटीआई दाखिल कर उक्त ठेकेदार द्वारा अब तक कराए गए सभी कार्यों, भुगतान और पूरे कार्यकाल की जानकारी मांगी गई है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीएम एवं तहसीलदार मंझनपुर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। जांच के लिए अलग टीम गठित की जाएगी। फील्ड बुक के अनुसार यदि एक इंच भी अतिरिक्त कब्जा पाया गया तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने या खड़ी फसल नष्ट करने का अधिकार नहीं है।
अमरनाथ झा पत्रकार – 9415254425 , 8318977396

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