नैनी जेल में भ्रष्टाचार बेलगाम, कैदियों से खुलेआम वसूली, अधिकारी बने मूक दर्शक
👉 नैनी जेल में भ्रष्टाचार का बोलबाला, कैदियों से खुलेआम वसूली ,घटिया खाना, खराब व्यवस्थाएं, जेल मैनुअल का उल्लंघन.
👉 जेल में दाखिले से लेकर हर सुविधा तक के लिए वसूली का खेल ,विरोध करने पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाते हैं कैदी..
👉 जेल प्रभारी अमिता पांडे पर सवाल, शिकायतों पर नहीं दे रहे जवाब, परिजनों और समाजसेवियों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
प्रयागराज। प्रयागराज के नैनी स्थित जिला कारागार में भ्रष्टाचार चरम पर है। कैदियों को दी जाने वाली सुविधाएं केवल कागजों पर हैं, जबकि हकीकत में उन्हें घटिया गुणवत्ता का खाना और बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। जेल के भीतर वसूली का ऐसा खेल चल रहा है जिसमें जिम्मेदार अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।
जेल प्रशासन पर आरोप है कि नए आने वाले कैदियों से प्रवेश के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। इतना ही नहीं, जेल में रहने के दौरान भी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कैदियों से रुपये ऐंठे जाते हैं। कैदियों के मुताबिक, यदि कोई विरोध करता है तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता है।
प्रभारी अधिकारी पर सवाल
इस पूरे मामले में जेल प्रभारी अमिता पांडे का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि उनसे बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। कैदियों और उनके परिजनों का कहना है कि श्री पांडे शिकायतों को नजरअंदाज कर रही हैं और किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं।
जेल मैनुअल की उड़ रही धज्जियां
कैदियों का कहना है कि जो व्यवस्थाएं जेल मैनुअल में स्पष्ट रूप से तय हैं, उनका पालन बिल्कुल नहीं हो रहा है। ना समय पर खाना, ना साफ-सफाई और ना ही चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। यह सीधे तौर पर मानवाधिकार का उल्लंघन है।
जांच की उठी मांग
परिजनों और समाजसेवियों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। वहीं, जेल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
> “जेल के अंदर क्या हो रहा है, इसकी सच्चाई बाहर नहीं आने दी जाती। लेकिन अब बहुत हो गया। शासन को कार्रवाई करनी चाहिए।”
— एक कैदी के परिजन ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
