अलीगढ़ में लड़कियों की खरीद-फरोख्त का है बड़ा नेटवर्क ,जांच की हुई मांग तेज़ , शेखों के हाथ बेची जा रही लड़कियां
👉 अलीगढ़ में विदेशी शेखों को लड़कियों की बिक्री का बड़ा नेटवर्क उजागर ,निकाह-तलाक के जरिए गरीब लड़कियों की हो रही तस्करी, एनजीओ और गिरोह पर आरोप।
👉 शमशाद मार्केट स्थित ‘स्टार प्रेस’ दोबारा हुआ सक्रिय, पहले हो चुका है सील ,बमभोले चौकी क्षेत्र में पुलिस की भूमिका पर सवाल, कार्रवाई के बजाय आरोप दबाए जा रहे।
👉 स्थानीय जनता ने सीबीआई जांच की मांग की, हाईकोर्ट के आदेशों की हो रही अनदेखी।
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश। शहर में मानव तस्करी और जबरन निकाह व तलाक के जरिए विदेशी नागरिकों को लड़कियों की कथित बिक्री का संगठित नेटवर्क होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय सूत्रों और क्षेत्रीय नागरिकों की शिकायतों के अनुसार, शमशाद मार्केट स्थित एक पूर्व प्रेस ऑफिस के माध्यम से यह गतिविधि संचालित की जा रही है, जहां कुछ एनजीओ और संगठित गिरोह की संलिप्तता की भी बात सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि यह गिरोह विशेष रूप से गरीब और मजबूर परिवारों की लड़कियों को निशाना बनाता है। पहले उनका निकाह एक स्थानीय व्यक्ति से कराया जाता है और फिर जल्द ही तलाक दिलवाकर उन्हें विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से खाड़ी देशों के शेखों के साथ विवाह के नाम पर भेज दिया जाता है।
स्थानीय स्तर पर सक्रिय एक गिरोह, जिसमें नदीम, इस्तखार और फिरोज उर्फ गफ्फार जैसे नाम सामने आए हैं, पर इन गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप हैं। फिरोज की पहचान अतीक अहमद के रिश्तेदार के रूप में की जा रही है। इसी नेटवर्क के तार कथित रूप से गाजियाबाद, कश्मीर, केरल और विदेशों तक फैले होने की भी बात कही जा रही है।
प्रशासनिक नाकामी का आरोप
शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र, विशेषकर बमभोले माफी चौकी के अंतर्गत आने वाले इलाके में इन घटनाओं की सूचना मिलने के बावजूद, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नागरिकों का कहना है कि कई बार गुमशुदगी की रिपोर्ट देने पर पुलिस द्वारा यह कह दिया जाता है कि “लड़की ने अपनी मर्जी से शादी की है।”
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि जब्त किए गए ऑफिस (स्टार प्रेस) को दोबारा गुप्त रूप से सक्रिय किया गया है। इसमें कथित रूप से कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार भी उजागर हो रहा है।
हाई कोर्ट का आदेश और कानूनी पहलू
ज्ञात हो कि माननीय उच्च न्यायालय ने 4 अप्रैल 2025 को आदेश दिया था कि “यदि किसी विवाह में लड़की के परिवार की उपस्थिति नहीं है, तो विवाह को वैध नहीं माना जाएगा।” इसके बावजूद, कई स्थानों पर फर्जी निकाहनामा और तलाकनामा तैयार कर विवाह प्रक्रिया को अंजाम देने की बात सामने आ रही है।
अन्य गंभीर आरोप….
विदेशी नागरिकों की बिना सत्यापन के शहर में आवाजाही।
पशु मांस प्रसंस्करण इकाइयों से फैल रहा कथित प्रदूषण।
कुछ धार्मिक संस्थाओं और छात्र समूहों के नाम भी जांच के दायरे में आने की मांग।
जनप्रतिनिधि और मीडिया की भूमिका
बताया जा रहा है कि अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम ने भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। क्षेत्रीय नागरिकों की मांग है कि पूरे मामले की सीबीआई या एनआईए जांच कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
अमरनाथ झा पत्रकार – 8318977396
