कौशांबी में मानकों के विपरीत संचालन पर वी.बी.एस. आईटीआई कॉलेज के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश, मानक विहीन चल रहा था आईटीआई

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Kaushambi voice

👉 वी.बी.एस. आईटीआई कॉलेज, सैयद सरांवा में भारी अनियमितताएं उजागर। तहसीलदार व बीईओ ने संयुक्त निरीक्षण में पाया अव्यवस्था का आलम।

👉 परीक्षा समय पर कॉलेज में न छात्र थे, न ही कोई स्टाफ मौजूद ,बेसमेंट में अंधेरा, गंदगी, जलभराव व उपकरणों की दुर्दशा मिली।

👉 प्रशिक्षण मानकों के उल्लंघन पर विधिक कार्रवाई के निर्देश जारी, राजकीय आईटीआई के नोडल प्राचार्य को कार्रवाई हेतु भेजी गई रिपोर्ट।

कौशांबी। जिलाधिकारी कौशांबी के निर्देश पर चायल तहसील क्षेत्र स्थित वी.बी.एस. आईटीआई कॉलेज, सैयद सरांवा तेरहमील (संस्थान कोड-3293) के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के चलते विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। गुरुवार को तहसीलदार चायल पुष्पेंद्र कुमार एवं खंड शिक्षाधिकारी मूरतगंज द्वारा कॉलेज का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गड़बड़ियों और मानक उल्लंघनों का खुलासा हुआ।

निरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में परीक्षा प्रारंभ समय सुबह 9:30 बजे निर्धारित होने के बावजूद 10 बजे तक परीक्षा कक्ष पूरी तरह खाली पाया गया। परिसर में सिर्फ चार परीक्षार्थी कक्षों के बाहर मौजूद थे और केंद्र में कोई भी शिक्षक या स्टाफ उपस्थित नहीं था। मौके पर केवल एक निजी व्यक्ति मौजूद मिला, जो कॉलेज प्रशासन से संबंधित नहीं था।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कॉलेज के बेसमेंट में स्थित दो परीक्षा कक्षों में प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह अनुपलब्ध थी। कक्षों में न टाइलिंग की गई थी और गंदगी व जलभराव के चलते सीढ़ियों पर फिसलन थी, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। संस्थान में वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति की भी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई।

वर्कशॉप कक्षों में उपकरण बिखरे हुए और अव्यवस्थित थे। टीन की छत में कई स्थानों पर छेद पाए गए, जिससे बारिश का पानी टपक रहा था। आईटी लैब में कंप्यूटर पूरी तरह निष्क्रिय मिले, जबकि पुस्तकालय, रीडिंग रूम, प्लेग्राउंड, पार्किंग, दिव्यांग शौचालय आदि की सुविधाएं पूरी तरह अनुपस्थित थीं।

प्रशासन के अनुसार, संस्थान की संरचना प्रशिक्षण महानिदेशालय के मानकों (2024) के अनुरूप नहीं है। साथ ही, संस्था की भूमि खतौनी संख्या 183 में स्थित है, जिसके ठीक उत्तर दिशा में “पंकज ब्रिक फील्ड” नामक एक ईंट भट्ठा संचालित हो रहा है। यह छात्रों और स्टाफ के लिए स्वास्थ्य व सुरक्षा की दृष्टि से खतरा उत्पन्न करता है।

निरीक्षण के समय संस्थान के प्रधानाचार्य अनुपस्थित थे और उपस्थित संगीता सिंह एवं उनके सहायकों द्वारा संस्थान की वैध मान्यता संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।

तहसीलदार चायल पुष्पेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है तथा राजकीय आईटीआई के नोडल प्राचार्य को संस्था के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्र सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे।

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