कौशाम्बी में विकास योजनाओं में बड़ा घोटाला, ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर आरोप , कई वित्तीय वर्ष के कार्यों में हुई है गड़बड़ी,जांच की उठी मांग

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Kaushambi voice

👉 कौशाम्बी में विकास योजनाओं में हुआ बड़ा घोटाला,ग्राम प्रधान और सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप।
👉 2022 से 2025 तक 5 करोड़ से ज्यादा खर्च दिखाए गए,कागजों पर दर्ज कार्य ज़मीन पर नहीं दिखे – ग्रामीणों का आरोप, जांच की उठी मांग।
👉 नाली, इंटरलॉकिंग, स्कूल मरम्मत सभी योजनाओं में गड़बड़ी,प्रधान ने परिजनों को पंचायत पदों पर तैनात किया – शिकायत।
👉 स्कूल का सामान निजी स्कूल में लगाया गया – ग्रामीणों का दावा, ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग, जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे!

कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश – जिले के कड़ा ब्लॉक के दौलतपुर कसार गांव में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं को सिर्फ कागजों पर पूरा दिखाकर पैसा हजम कर लिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य नहीं हुए।

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में गांव में 82 कार्य दर्शाए गए जिन पर 19 लाख रुपये से अधिक का खर्च दिखाया गया। इसके बाद 2023-24 में 107 कार्यों के नाम पर 2 करोड़ 57 लाख रुपये खर्च हुए और 2024-25 में 142 कार्यों के लिए 1 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत दर्शाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि इन कार्यों का अधिकांश हिस्सा न तो शुरू हुआ और न ही पूरा हुआ।

मुख्य अनियमितताएं:

मोसीम के घर से रैकुल के घर तक नाली और इंटरलॉकिंग अधूरी।

रईस के घर से चौराहा तक नाले का कार्य शुरू ही नहीं हुआ।

काल साहू से बजरंगी के घर तक के निर्माण कार्य में भारी गड़बड़ी।

इसके अलावा, गांव में स्ट्रीट लाइट, स्कूल मरम्मत, सोलर पैनल और पंखों के नाम पर भी फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि विकास कार्य केवल कागजों पर ही हुए हैं, जबकि गांव की गलियां अब भी कीचड़ और बदहाल स्थिति में हैं।

निजी हित में नियुक्तियां: ग्रामीणों  ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने अपने परिजनों को आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, पंचायत सहायक, कोटा डीलर और पानी टंकी ऑपरेटर जैसे पदों पर नियुक्त किया है। इसके अलावा, प्राथमिक विद्यालयों का सामान जैसे पंखे और सोलर उपकरण अपने निजी विद्यालय में लगाए गए हैं।

ग्रामीणों की मांग: गांव के लोग इस घोटाले से बेहद नाराज हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई गई तो ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सकता है।

अमरनाथ झा, पत्रकार – 9415254415 , 8318977396

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