चलती कार में आग लगी, ड्राइवर जिंदा जला:सीट पर जलती हड्डियां मिलीं, लखनऊ एयरपोर्ट से बाराबंकी गया था
बाराबंकी में चलती कार में भीषण आग लग गई। हादसे में ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ। शनिवार सुबह 6 बजे लोगों ने जलती कार देखी तो भागकर मौके पर पहुंचे। कार की ड्राइविंग सीट के बगल में शरीर की हड्डियां जल रही थीं। पुलिस ने कार नंबर से ड्राइवर की पहचान की। मृतक का नाम प्रदीप कुमार (45) है। वह बाराबंकी के प्यारेपुर का रहने वाले थे। 4 महीने पहले ही टाटा टियागो की सीएनजी मॉडल कार खरीदी थी। फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। आग से कार जलकर राख हो गई। आग बुझाने के बाद कार में बची हड्डियों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। फॉरेंसिक टीम भी राख-हडि्डयों को पॉलिथिन में पैक कर ले गई। प्रदीप कुमार लखनऊ एयरपोर्ट से सवारियों को बाराबंकी छोड़कर घर प्यारेपुर लौट रहे थे। घर से 2 किमी पहले सफदरगंज थाना क्षेत्र में हादसा हुआ। घटनास्थल जिला मुख्यालय से 33 किमी दूर है। 2 तस्वीरें देखिए- 4 घंटे से ज्यादा जलती रही बॉडी, ड्राइविंग सीट के बगल में मिली ग्रामीण मदन कुमार वर्मा ने बताया- रात 1.30 बजे तेज धमाके की आवाज आई थी। लेकिन ज्यादा कुछ समझ में नहीं आया। सुबह 6 बजे हम लोग टहलने निकले तो देखा कि कार जल रही थी। गेट अंदर से बंद थे। अंदर फंसा चालक पूरी तरह जल चुका था। कुछ हडि्डयां ही जलती हुई मिलीं। हमने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सुबह जब लोग पहुंचे तो कार पूरी जल चुकी थी। आग करीब-करीब बुझ चुकी थी, सिर्फ कार के अगले हिस्से में कुछ हडि्डयां जल रहीं थीं। पुलिस का मानना है कि आग करीब 4 घंटे पहले लगी थी। प्रदीप का शव ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट में मिला। पुलिस को आशंका है कि आग लगने के बाद गेट लॉक हो गए। प्रदीप बचने के लिए दूसरी तरफ आए होंगे, लेकिन वह दरवाजा खोलकर बाहर नहीं निकल पाए। प्रदीप के पिता का नाम श्रीराम था। प्रदीप तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। दो छोटे भाई कुलदीप और लवकुश हैं। लवकुश भाजपा में मंडल उपाध्यक्ष है। प्रदीप के माता-पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में पत्नी राधा के अलावा दो बेटियां नेहा और उमा, दो बेटे सुकेश और शिवा वर्मा हैं। दोनों बेटियों और बेटे सुकेश की शादी हो चुकी है। वह मूलपुर से सिरौली गौसपुर तहसील के प्यारेपुर गांव के नोहरी का पुरवा के रहने वाले थे। पत्नी चीख-चीखकर रोई, भाई बोला- लाश भी नहीं देख पाए प्रदीप के छोटे भाई दरियाबाद से भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष लवकुश वर्मा ने बताया- वो हमारे बड़े भाई थे। घर के मुखिया थे। मैं उन्हें आखिरी बार देख भी नहीं पाया। भाभी ने बताया कि शाम को 4 बजे ही उनसे बात हुई थी। कहा था आप लोग खाना खाकर सो जाना। मुझे आने में देर हो जाएगी। भाई ने भाभी के नाम पर गाड़ी खरीदी थी। ये गाड़ी स्वास्थ्य विभाग में चलाते थे। कभी-कभी एयरपोर्ट की तरफ से निकलते समय सवारियां बिठा लेते थे। कल रात को लखनऊ एयरपोर्ट से सवारियां लेकर बाराबंकी में छोड़ी थी। पत्नी राधा मौके पर पहुंची तो कार में जलती हडि्डयां देख चीख पड़ी। वह पति की लाश देखने की जिद करते-करते बेहोश हो गई। परिवार ने उसे बमुश्किल शांत कराया। आग लगने के बाद कार लॉक हुई, फॉरेंसिक टीम जांच कर रही सफदरगंज कोतवाल अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया- आग बुझाने के बाद कार के गेट खोले गए। अंदर से जला हुए शव की हडि्डयां मिली हैं। शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि आग लगने के बाद सभी गेट लॉक हो गए। जिसके चलते प्रदीप ने बगल वाली सीट से निकलने की कोशिश की। लेकिन वो गेट नहीं खोल सके। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की है।
—- ये खबर भी पढ़ें संत प्रेमानंद पर सवाल उठाने वाले फलाहारी बाबा कौन हैं?:सपा से भाजपा में आए, विराट-अनुष्का ने 5 करोड़ का सच बताया तो माफी मांगी “विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को 5 करोड़ देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बुलाया गया था।” ये दावा करने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा अब पलट गए हैं। उन्हें माफी मांगनी पड़ी है।यह पहला मौका नहीं है, जब फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हों। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया तो श्रीकृष्ण जन्मस्थान में भी चढ़ावा चोरी का आरोप लगाया था। पूरी खबर पढ़ें
