‘सांप से डसवाने वाली बहू-प्रेमी को फांसी हो’:मेरठ में मां बोली- जैसे मेरे बेटे को तड़पाया, वैसे उसकी मौत हो; तभी मुझे शांति मिलेगी

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‘सांप से डसवाने वाली बहू-प्रेमी को फांसी हो’:मेरठ में मां बोली- जैसे मेरे बेटे को तड़पाया, वैसे उसकी मौत हो; तभी मुझे शांति मिलेगी

“जिस बेरहमी से मेरे बेटे की हत्या कर सांप से डसवाया, मैं चाहती हूं कि हत्यारी बहू और उसके प्रेमी को फांसी हो। जैसे उसने मेरे बेटे को तड़पाया, वैसे वो भी तड़पकर मरे। तभी मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। बेरहम बहू रविता ने अपना सुहाग उजाड़कर तीन बच्चों को अनाथ कर दिया।” ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में मेरठ सांपकांड में मारे गए अमित कश्यप की मां मुनेश देवी ने कहीं। बुधवार को बेटे की हत्या के केस में फैसला आने की उम्मीद के चलते वो एडीजे 12 की कोर्ट के बाहर आकर बैठ गई थीं। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि कोर्ट कड़ी सजा सुनाएगा। हालांकि, कोर्ट ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या का दोषी माना। सजा सुनाए जाने की तारीख 16 अक्टूबर तय की। हत्या 17 अप्रैल 2025 को हुई थी। 16 तारीखों में 12 से ज्यादा गवाहों के बयान के बाद कोर्ट ने यह फैसला लिया। विस्तार से जानिए कोर्ट में क्या हुआ, पूरा मामला क्या है… मां बोलीं- फांसी की सजा न हुई तो हाईकोर्ट जाऊंगी मां मुनेश देवी ने कहा- मेरा बेटा अमित तीन बच्चों का पिता था। उसके जाने के बाद हर पल मुझे अपने बेटे की हंसी-बोली रुला रही है। उसके तीन मासूम बच्चे आज भी पूछते हैं कि हमारे पापा कहां हैं? मम्मी कहां हैं? बेटे की हत्या के सदमे को उसके पिता भी बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्होंने भी घुटकर दम तोड़ दिया। मैं चाहती हूं कि बेटे के हत्यारों को फांसी हो। अगर फांसी नहीं हुई तो मैं हाईकोर्ट में अपील करूंगी। मैं अपने मासूम पोते-पोतियों और खुद को न्याय दिलाकर रहूंगी। भाई बोला- रविता को साथ नहीं रहना था तो छोड़ देती, मारा क्यों अमित के भाई संदीप ने कहा- रविता को अगर अमित के साथ नहीं रहना था तो वह बता भी सकती थी। छोड़ सकती थी। लेकिन, उसने मेरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी।पोस्टमॉर्टम में भी यही पुष्टि हुई है कि अमित की गला दबाने से मौत हुई है। हम इसी उम्मीद में आए थे कि आज कोर्ट फैसला सुनाएगी। कोर्ट हमें न्याय दिलाकर रहेगी। हम चाहते हैं कि फांसी से कम सजा ना हो। मैं अपने भाई के कातिलों को फांसी की सजा दिलाने के लिए लड़ता रहूंगा। सरकारी वकील बोलीं- हत्या और सबूत मिटाने में रविता-अमरदीप दोषी अमित के पक्ष से केस लड़ने वाली सरकारी वकील फरजाना ने कहा- अमरदीप और रविता को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। उन्हें सजा के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है। इस केस में हमारी तरफ से 12 गवाह पेश किए गए थे। उसमें वादी में मोनू कश्यप और मुनेश जो आई विटनेस भी थे, उस हत्या की रात को अपने बेटे के कमरे में इसको आते-जाते देखा था। क्योंकि रविता के अवैध संबंध थे। ये अमरदीप रविता के घर आता-जाता था। कई बार लड़ाई भी हुई। बाद में दोनों ने अमित कश्यप को हटाने की साजिश रची और फिर ये पूजा पाठ में लीन हो गई। इसके कुछ दिन बाद रविता ने प्लान किया कि पूजा के लिए एक सांप चाहिए। इसके बाद सपेरे ने घोड़ा पछाड़ सांप दिया। फिर अमित की गला घोट कर हत्या कर दी। वकील बोले- हत्या वाली रात दोनों की लोकेशन घर पर मिली अमित की ओर से केस लड़ने वाले वकील बलराज ने बताया- रविता और अमरदीप की फोन की लोकेशन घटनास्थल पर मिली थी। दोनों को वहां आते-जाते देखा गया। अवैध संबंध काफी दिन पुराने थे। इन्हें समझाया भी गया था और गवाह के रूप में मृतक अमित की मां ने इन्हें आते-जाते हुए भी देखा था। इसी के आधार पर दोनों को दोषी पाया गया है। अब पति की हत्या और सांप से डसवाने की पूरी कहानी, पढ़िए पत्नी ने कहा था- मुझसे बलात्कार से भी गंदा काम करते थे जेल जाते वक्त आरोपी पत्नी रविता ने कहा था- वो (पति अमित) मेरे साथ रोज मारपीट करते थे। मेरे साथ बलात्कार से भी ज्यादा गंदा काम करते थे। कहते थे कि तुझे वेश्या बनाऊंगा, धंधा कराऊंगा। उन्हें मालूम था कि मैं अमरदीप से फोन पर बात करती हूं। पति ने खुद ही मेरी बातचीत अमरदीप से फोन पर कराई थी। फिर मुझसे कहा कि मैं अमरदीप को अपने घर पर बुलाऊंगा। उसे मारने में तुझे मेरा साथ देना है। फिर मैं तुझे भी मारूंगा। प्रेमी ने कहा था- अमित ने हत्या के लिए लड़के पीछे लगाए, इसलिए उसे मारा रविता के प्रेमी अमरदीप ने जेल जाने से पहले कहा था- कुछ दिन पहले 3500 रुपए के लेन-देन को लेकर मेरी अमित से कहासुनी हुई थी। इसके बाद कुछ लोगों ने हमारा समझौता करा दिया था। फिर भी अमित ने मुझे मारने के लिए मेरे पीछे कुछ लड़के लगा दिए थे। जब मुझे यह बात पता चली, तो अपनी जान बचाने के लिए मैंने अमित के मर्डर की साजिश रची। अमरदीप ने बताया- मवाना क्षेत्र में मोहम्मदपुर गांव है। वहां काफी सपेरे रहते हैं। उनसे एक हजार रुपए में सांप खरीदा था। सपेरों का ही एक साथी मुझे यहां आकर सांप बेचकर गया था। ————————— ये खबर भी पढ़िए- पतियों की हत्या करने वाली जेल में घास छील रहीं: सांप डसवाया तो किसी ने नीले ड्रम में भरा; मेरठ की 5 कातिल बीवियों की कहानी मेरठ जिला जेल में पति की हत्या करने के आरोप में 5 पत्नियां बंद हैं। किसी ने पति को सांप से डसवाकर मार डाला, तो किसी ने हत्या करके नीले ड्रम में भर दिया। सभी ने प्रेमी के साथ घर बसाने की चाहत में पति की हत्या की। कोई जेल में घास छील रही, तो कोई झाड़ू-पोछा लगा रही। खाना बनाने का भी काम मिला है। सिलाई की भी जिम्मेदारी दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…

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