यूपी-आजमगढ़ में पत्नी-बेटे, दो पुजारियों को मारने वाले का एनकाउंटर:3 बच्चों को बंधक बनाया था, एक को गोली मारी; जवाबी कार्रवाई में मारा गया
यूपी के आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी एनकाउंटर में मारा गया। उसने पकड़े जाने के डर से अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया था। इस दौरान उसने एक बच्चे की हत्या कर दी। पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। ATS, SOG और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हत्यारा अरविंद सिंह (42) मारा गया। घटना जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर अहिरौला थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, परिवार को शक था कि आरोपी को उसके भाई सुनील की आत्मा परेशान कर रही है, इसलिए उसकी पत्नी और मां घर में महामृत्युंजय जाप करा रही थीं। इससे आरोपी नाराज था। मंगलवार शाम 6 बजे इसी बात को लेकर पत्नी से बहस हो गई। फिर उसने पूजा करा रहे पुजारियों से आधार कार्ड मांगा। बहस करने लगा। इसी बीच गुस्से में आरोपी भागकर कमरे में गया और लाइसेंसी राइफल लेकर आया। 2 पुजारियों और पत्नी को गोली मार दी। इसके बाद अरविंद ने अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही 10 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची तो वह बच्चों को मारने की धमकी देने लगा। हालात बेकाबू होते देखकर SOG और ATS कमांडोज की टीम को बुलाया गया। टीम ने पूरे घर को घेर लिया। इस दौरान पुलिस आरोपी को समझाती रही। 7 घंटे तक अरविंद बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा। रात 1 बजे उसने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस घर में दाखिल हुई। बच्चों को छुड़ाया और आरोपी को मार गिराया। मृतकों में हत्यारे अरविंद सिंह के अलावा पत्नी बबीता सिंह (40), बेटा शौर्य (9), पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) शामिल हैं। घटना से जुड़ी 5 तस्वीरें देखिए- अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- अरविंद सिंह शंभूपुर गहजी गांव का रहने वाला था। वह कोई काम-काज नहीं करता था। परिवार में पत्नी बबीता सिंह के अलावा मां समला देवी (70), बेटी परी (5), बेटा शौर्य और 7 महीने की बेटी है। घर पर 4 दिनों से पूजा चल रही थी। आज पूर्णाहुति थी। जिले के ही रहने वाले पंडित महेंद्र पाठक (60), अखिलेश मिश्रा (55), उनके बेटे हिमांशु समेत 4 पंडित पूजा करा रहे थे। पंडित हिमांशु ने पुलिस को बताया कि अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की आत्मा उन्हें परेशान कर रही थी। इसलिए समला देवी और बबीता ने पूजा के लिए बुलाया था। अरविंद ने हमें न आने की चेतावनी दी थी। पत्नी से बहस, पुजारियों को अपशब्द कहे पुजारी ने बताया- मंगलवार दोपहर अरविंद बाजार गया था। शाम 6 बजे लौटा और पत्नी से बहस करने लगा। हम लोग उसे समझाने पहुंचे तो वह बहस करने लगा और अपशब्द कहने लगा। बबीता ने विरोध किया तो उसने कहा- तेरे चक्कर में मेरे भाई की हत्या हो गई। अब तू यहां ड्रामा कर रही है। इसके बाद अरविंद ने पहले पत्नी बबीता को गोली मार दी। उन्होंने बताया- यह देखकर हम लोग भागने लगे। इसके बाद उसने मेरे पिता और दूसरे पंडित को भी गोली मार दी। मैं बाल-बाल बच गया। फायरिंग की आवाज सुनकर घर के बाहर भीड़ जमा हो गई। यह देखकर अरविंद ने खुद को तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद कर लिया। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस पहुंची। इस बीच मैं और आरोपी की मां भागकर बाहर आ गए। स्टेन ग्रेनेड-टियर गैस छोड़कर घर में घुसी पुलिस, एनकाउंटर किया वारदात की सूचना पर SSP डॉ. अनिल कुमार 10 थानों के 300 पुलिसकर्मी, एक गाड़ी PAC के साथ मौके पर पहुंचे। मामला बढ़ता देखकर उन्होंने अफसरों को सूचना दी। रात 11:30 बजे वाराणसी के ADG नवीन अरोरा भी पहुंच गए। ATS के 24 और SOG के 20 जवानों को बुलाया गया। SSP ने बताया कि पुलिस जब आरोपी को सरेंडर करने के लिए समझा रही थी, तब उसने कमरे में गोली चला दी। आवाज सुनकर पुलिस की टीम ने स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल किया। घर में दाखिल हुई। उन्होंने बताया- पुलिस को आता देख आरोपी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब 6 राउंड फायरिंग के बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद को गोली लगी। वह जमीन पर गिर पड़ा। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। भाई की 8 साल पहले हुई थी हत्या, बालासाहेब ठाकरे के PRO थे 2018 में अरविंद के भाई सुनील सिंह की चचेरे भाइयों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सुनील महाराष्ट्र में रहते थे और बालासाहेब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) थे। सुनील की पत्नी के भाई सूरज सिंह ने बताया- जीजा गांव में अरविंद के साथ भंडारा खाने पहुंचे थे। तभी चचेरे भाई मनीष सिंह और अवनीश ने दोनों को घेर लिया। सुनील को दौड़ाकर गोली मार दी। अरविंद के साथ मारपीट की। सूरज ने बताया- वारदात के बाद बहन ममता (सुनील की पत्नी) ने मनीष और अवनीश के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों डेढ़ महीने पहले ही जेल से बाहर आए हैं। उन्होंने बताया- बबीता का मनीष के साथ अफेयर था। इसकी जानकारी जीजा सुनील को हो गई थी। उन्होंने मनीष के खिलाफ चोरी, छिनैती और छेड़खानी समेत कई मामलों में शिकायत की थी। इसी रंजिश में मनीष ने सुनील की हत्या की थी। मां रोते हुए बोलीं- मेरा परिवार उजड़ गया, दो बेटे थे, दोनों नहीं रहे मां कमला देवी ने बताया- मेरा परिवार उजड़ गया। दो बेटे थे, दोनों नहीं रहे। बेटे ने पंडित से आधार कार्ड दिखाने को कहा। पंडित ने कहा- हमको पहचानते नहीं हो? इस पर बेटे ने कहा- नहीं पहचानते हैं, आधार कार्ड दिखाओ। पंडित ने कहा कि आधार कार्ड नहीं है। इसके बाद बेटा पंडितों को मारने के लिए दौड़ा तो बहू सामने आ गई। उसने पंडितों का अपमान न करने को कहा। इसके बाद गुस्से में बेटे ने वारदात को अंजाम दिया। बहन बोली- भाई पूजा कराने का विरोध करता था अरविंद की बहन साधना ने रोते हुए बताया- सुबह टीवी पर न्यूज देखकर वारदात का पता चला। भाई का दिमाग खराब था, उसका इलाज भी चल रहा था। पंडित ने मां और भाभी से कहा था कि घर में पूजा कराने से वह ठीक हो जाएगा। इसलिए दोनों पूजा करा रही थीं। भाई इसका विरोध करता था। इसी वजह से उसने वारदात की। कल भी मैं घर आई थी। भाई ने पूछा- क्यों आई हो? तुम्हारा घर नहीं है? इसके बाद उसने दरवाजा नहीं खोला। इसलिए हमें वापस लौटना पड़ा। ——————– ये खबर भी पढ़ें- मथुरा में महिलाओं ने साधु को लाठी-डंडों से पीटा:लात-घूसे बरसाए; बोलीं- विधवा-निसंतान को फंसाकर शारीरिक संबंध बनाता था मथुरा के वृंदावन में महिलाओं ने एक साधु की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इसके बाद कमरे से खींचकर साधु को बाहर ले गईं। वहां लात-घूसों से पीटा। महिलाओं का कहना है कि बाबा विधवा और निसंतान महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर शारीरिक संबंध बनाता था। पढ़ें पूरी खबर
