रूस के मिसाइल हमले में देवरिया के युवक की मौत:पता चलते ही पिता बेहोश; मां बोली- कोई मेरा बेटा वापस ला दो

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रूस के मिसाइल हमले में देवरिया के युवक की मौत:पता चलते ही पिता बेहोश; मां बोली- कोई मेरा बेटा वापस ला दो

‘मेरी एक ही औलाद थी। मेरा हीरा बेटा था। खानदान में किसी ने पढ़ाई-लिखाई नहीं की थी। मैं कैसे उसे भूल जाऊं। मेरा बेटा कोई वापस ला दो…।’ यह कहना है, यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर रूसी हमले में जान गंवाने वाले अभिषेक निषाद की मां का। देवरिया का रहने वाला अभिषेक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी 19 जुलाई को मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। घर आने वाले हर शख्स से मां एक ही बात कह रही- मेरे बेटे को कोई वापस ला दो। फिर रोते-रोते बेहोश हो जाती है। अभिषेक के पिता एक हाथ से पत्नी को ढांढस बंधाते हैं, तो दूसरे हाथ से अपने आंसू पोंछ लेते हैं। बड़ी बहन बेसुध पड़ी है, पूछने पर भी कुछ बोलती नहीं। छोटी बहन से जब भाई का जिक्र किया जाता है, तो वह फूट-फूटकर रोने लगती है। कहती है- मेरा एक ही भाई था। अब मैं किसकी कलाई पर राखी बाधूंगी। अभिषेक तुर्की के ‘गोल्डन लिओ’ शिप पर सीमैन (नाविक) था। शिप यूक्रेन से सामान लेकर सीरिया जा रहा था। 19 जुलाई (रविवार) को रूस ने हमला कर दिया, जिसमें अभिषेक की मौत हो गई थी। सोमवार को शिपिंग कंपनी के एजेंट ने फोन कर घरवालों को अभिषेक की मौत की सूचना दी थी। पिता ने कर्ज लेकर कोर्स कराया गौरीबाजार थाना क्षेत्र में करमेल गांव है। यहां कौशल निषाद (50) परिवार के साथ रहते हैं। घर में पत्नी अनीता देवी (45), बेटा अभिषेक निषाद (22), दो बेटियां साधना (26) और अराधना (20) थे। कौशल खेती-किसानी करते हैं और भाजपा के बूथ अध्यक्ष भी हैं। बड़ी बेटी अराधना MA कर रही है, छोटी बेटी BA की पढ़ाई कर रही है। अभिषेक ने साल- 2022 में राम प्रकाश माल इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट किया था। वह मर्चेंट नेवी में जाना चाहता था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी कौशल ने बेटे का सपने को पूरा किया। इसके लिए उन्होंने साढ़े पांच लाख रुपए का कर्ज लिया। फिर बेटे को लखनऊ के एक संस्थान में ट्रेनिंग के लिए भेजा। कौशल को उम्मीद थी कि बेटा अगर विदेश चला गया, तो घर की हालत सुधर जाएगी। बहनों की शादी का सपना लेकर तुर्की पहुंचा ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अभिषेक मुंबई चला गया। घर से निकलने से पहले उसने पिता से कहा था- पापा अब बड़ी बहन साधना की शादी की तैयारी शुरू कर दीजिए। बहन की अच्छे घर में शादी करवाऊंगा। घर भी बनवाऊंगा। मुंबई से वह तुर्की पहुंचा। तुर्की में ‘गोल्डन लिओ’ नाम के शिप पर सीमैन का काम करने लगा। उसे हर महीने 300 डॉलर (28 हजार 752 रुपए) सैलरी मिलनी तय हुई। खाने और रहने का इंतजाम जहाज पर ही था। बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता बेसुध हुए 19 जुलाई (रविवार) की रात यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर रूस ने हमला कर दिया। इसमें अभिषेक की भी मौत हो गई। सोमवार को शिपिंग कंपनी के एजेंट ने फोन कर अभिषेक के पिता को मौत की खबर सुनाई। यह सुनकर अभिषेक के पिता कौशल बेसुध हो गए। मां और बहनों को जैसे ही बेटे की मौत की खबर पता चली, वो धहाड़े मारकर रोने लगीं। दोस्त बोले- यकीन नहीं हो रहा अभिषेक हमारे बीच नहीं अभिषेक के दोस्त नितीश ने दैनिक भास्कर को बताया- मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि मेरा दोस्त अब इस दुनिया में नहीं है। वह मिलनसार और मेहनती था। विदेश में नौकरी मिलने के बाद काफी खुश था। उसने मुझे वीडियो कॉल किया था। दिखा रहा था कि वहां बमबारी हो रही है। भाई बहुत डर लग रहा है। अभिषेक के दूसरे दोस्त भी उसके साथ बिताए दिनों को याद कर भावुक हो उठे। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने अभिषेक के घरवालों से संपर्क किया। भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी के जरिए अभिषेक का शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी, जिससे शव जल्द गांव पहुंच सके। ————————— यह खबर भी पढ़ें… मां-पिता ने डांटा तो 2 बेटों ने पीट-पीटकर मार डाला, गाजियाबाद में पिता को गिराकर पीटा, बचाने आई मां पर लात घूसे बरसाए गाजियाबाद में 2 बेटों ने मां और पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार रात 11 बजे दोनों बेटे झगड़ा कर रहे थे। माता-पिता ने उन्हें डांट लगाई तो भड़क गए। गुस्से में माता-पिता को लात-घूसों से पीटा, फिर डंडे से ताबड़तोड़ वार करके अधमरा कर दिया। चीख-पुकार सुनकर किराएदार ने पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों बेटों को हिरासत में ले लिया। माता-पिता को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

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